उच्च विकसित यूरोपीय देश के लोगों की अंग्रेजी का स्तर अधिक है। जबकि अल्प-विकसित देशों में यह काफी कम है। अंग्रेजी में अत्यधिक उच्च दक्षता रखने वाले देशों में नीदरलैंड्स सबसे आगे है। इसके बाद सिंगापुर और ऑस्ट्रिया का स्थान है।
नई दिल्ली। दुनियाभर में नौकरी चाहने वालों, कंपनी की सफलता और पर्यटन से आय बढ़ाने के लिए अंग्रेजी में दक्षता महत्त्वपूर्ण कारक बन गई है। अंतरराष्ट्रीय शिक्षा कंपनी ईएफ एजुकेशन फर्स्ट की ओर से जारी ईएफ अंग्रेजी दक्षता सूचकांक (ईएफ ईपीआइ) दिखाता है कि विश्व में किन देशों के लोग अंग्रेजी बोलने में कितने निपुण हैं। उच्च विकसित यूरोपीय देश के लोगों की अंग्रेजी का स्तर अधिक है। जबकि अल्प-विकसित देशों में यह काफी कम है। अंग्रेजी में अत्यधिक उच्च दक्षता रखने वाले देशों में नीदरलैंड्स सबसे आगे है। इसके बाद सिंगापुर और ऑस्ट्रिया का स्थान है।
पर्यटन का बड़ा खिलाड़ी एशिया पूरी तरह पारंगत नहीं:
अंग्रेजी में अत्यधिक उच्च और उच्च दक्षता रखने वाले देशों को शहरों में बढ़ती आबादी, अंतरराष्ट्रीय आप्रवासी और व्यावसायिक कौशल आदि से लाभ होता है। रिपोर्ट के नतीजों में कुछ हैरान करने वाले परिणाम भी सामने आए हैं, जैसे पर्यटन का एक बड़ा खिलाड़ी एशिया इस भाषा में पूरी तरह से पारंगत नजर नहीं आता। उदाहरण के लिए चीन, अपनी स्थानीय भाषा को अधिक महत्त्व देता है। इसी तरह थाईलैंड में भारी संख्या में विदेशी पर्यटकों के आने के बावजूद यहां अंग्रेजी बोलने वालों की तादाद कम है।
सबसे कम दक्षता वाले देशों में लाओस और कांगो:
अंग्रेजी में दक्षता रखने वाले देशों को सूचकांक में 800 में से अंक दिए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 24 देश सूचकांक के निचले स्थान पर मौजूद हैं। जिस देश को सबसे कम अंक मिले, वह 364 के स्कोर के साथ लाओस था। कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, यमन, लीबिया और रवांडा अंग्रेजी दक्षता सूचकांक पर निचले पांच में अन्य चार देश थे। हालांकि ज्यादातर देशों में महिलाओं से अधिक पुरुष इस भाषा में कुशल हैं। विश्व में 35 करोड़ से अधिक लोग पहली भाषा के रूप में अंग्रेजी बोलते हैं जबकि 430 करोड़ से ज्यादा इसे दूसरी भाषा के रूप में प्रयोग करते हैं।
जयपुर और मुंबई अंग्रेजी बोलने में अधिक निपुण:
113 देशों की सूची में भारत को सामान्य दक्षता के साथ 60वें नंबर पर रखा गया है। अंग्रेजी का ज्ञान रखने वाले 23 एशियाई देशों के सूचकांक में भारत का स्थान नौवां है। देश में भी अंग्रेजी में उच्च दक्षता रखने वाले शहरों में जयपुर, मुंबई, चेन्नई, कोयम्बटूर, बेंगलूरु और भोपाल क्रमश: प्रमुख हैं।
अंग्रेजी में महारत रखने वाले देश