
एक-डेढ़ साल पहले बालोद शहर की हालत को याद करें तो चौराहों के चारों तरफ अतिक्रमण थे। दुकानें अव्यस्थित थीं। शहर के मुख्य मार्ग संकरे थे लेकिन दल्ली चौक से मधु चौक तक सड़क सौंदर्यीकरण प्रोजेक्ट ने बालोद शहर की सूरत ही बदल कर रख दी है। चौड़ी सड़कें, बीचों बीच डिवाइडर व डिवाइडर में स्ट्रीट लाइटें लग चुकी हैं। वहीं इस स्ट्रीट लाइट का ट्रायल भी हो चुका है। अब विभाग व नगर पालिका मिलकर जल्द ही नियमित रूप से स्ट्रीट लाइट जलाने पर योजना बना रही हैं क्योंकि लोक निर्माण विभाग ने अपना काम लगभग पूरा कर लिया है। अब शहर की सड़कों का हालात बदल गए हैं। स्ट्रीट लाइटों व बिजली पोल पर भी रोशनी नजर आएगी क्योंकि तैयारी चल रही है। चौक-चौराहे साफ-सुथरे और जगमग दिखेंगे।
बनाए गए डिवाइडर के बीचों बीच मिट्टी डाली गई है। जानकारी के मुताबिक डिवाइडर में पौधरोपण भी किया जाएगा। बीते डेढ़ दो साल की बात करें तो बालोद शहर बदल गया है क्योंकि नेशनल हाइवे में भी डिवाइडर निर्माण व स्ट्रीट लाइट लगाने का काम पूरा हो चुका है। इसका भी ट्रायल किया जा चुका है। सभी स्ट्रीट लाइट जल रही हैं। इन्हें भी रात के समय नियमित जलाने योजना बन रही है।
डिवाइडर निर्माण से दुर्घटना में कमी आने की उम्मीद है। इसके साथ ही डिवाइडर निर्माण से यातायात व्यवस्थित होता है। इन पर हरियाली, पौधे या रंगीन फूल लगाने से सड़क का सौंदर्य कई गुना बढ़ जाएगा। वहीं स्ट्रीट लाइट लगने से रात में गाड़ी चलाने वालों को स्पष्ट दिखाई देगा। इससे डिवाइडर से वाहन टकराने और अंधेरे में बेसहारा पशुओं के कारण होने वाले हादसों में कमी आने की उम्मीद भी हैं। रात में अच्छी रोशनी होने से राहगीरों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए रात में सुरक्षित माहौल बन जाता है। मुख्य बाजारों और सड़कों की रौनक भी बढ़ जाएगी।
शहर के मुख्य चौराहों और प्रमुख सड़कों पर लगी स्ट्रीट लाइटें और पोल शहर को एक नया और आधुनिक रूप देंगी। फिलहाल अब स्ट्रीट लाइट को नियमित रूप से जलाने का इंतजार शहरवासियों को है। लोक निर्माण विभाग की ईई पूर्णिमा चंद्रा ने कहा सड़क सौंदर्यीकरण लगभग पूर्ण हैं। डिवाइडर निर्माण व स्ट्रीट लाइट का ट्रायल हो चुका है। सभी ठीक हैं। विभाग द्वारा अब इस स्ट्रीट लाइट को रात के समय नियमित रूप से जलाने की तैयारी है।