
हनुमान सिंह राठौड़। फाइल फोटो- पत्रिका
अजमेर। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड को चार साल बाद स्थाई अध्यक्ष मिल गया है। राज्य सरकार ने शिक्षाविद हनुमान सिंह राठौड़ को बोर्ड अध्यक्ष नियुक्त किया है। उनका कार्यकाल तीन वर्ष का होगा। रीट पेपर लीक मामले में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष प्रो. डीपी जारोली को 29 जनवरी को बर्खास्त किया था। इसके बाद से बोर्ड में लगातार आइएएस प्रशासक के रूप में कार्यरत रहे। इस अवधि में बोर्ड में सिर्फ दसवीं-बारहवीं की परीक्षा संचालन का कार्य हुआ।
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शिक्षा बोर्ड में पिछले छह साल में 35 शिक्षाविदों वाले ‘बोर्ड’ का गठन नहीं है। जबकि शिक्षाविद ही शैक्षिक नीति, पाठ्यक्रम, कार्यक्रमों और परीक्षाओं में नवाचार से जुड़े फैसले लेते हैं। मूलत: पीसांगन निवासी हनुमान सिंह राठौड़ शिक्षाविद रहे हैं। उन्होंने 2018 में स्कूल सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी। वह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के क्षेत्रीय कार्यवाह रहे हैं। पर्यावरण, स्कूल शिक्षा सहित विभिन्न बौद्धिक विषयों में उन्होंने कार्य किए हैं।
गौरतलब है कि रीट पेपर लीक प्रकरण के बाद जनवरी 2022 में तत्कालीन अध्यक्ष डीपी जारोली को पद से हटाया गया था। इसके बाद से बोर्ड अध्यक्ष का पद रिक्त चल रहा था। नए अध्यक्ष के रूप में राठौड़ बोर्ड की शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियों की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनके नेतृत्व में परीक्षा संचालन, पाठ्यक्रम विकास, मूल्यांकन व्यवस्था और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार से जुड़े कार्य किए जाएंगे। शिक्षा विभाग को उम्मीद है कि उनकी नियुक्ति से बोर्ड के कामकाज में पारदर्शिता और कार्यकुशलता बढ़ेगी।
‘पत्रिका’ से बातचीत में बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष हनुमान सिंह राठौड़ ने कहा कि सरकार के सहयोग से राष्ट्रीय शिक्षा नीति और भारतीय कला और संस्कृति के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करना प्राथमिकता रहेगी। इसमें अकेले शिक्षा बोर्ड कुछ नहीं कर सकता है। बुद्धिजीवियों, शिक्षाविदों से चर्चा के बाद फैसला लिया जाएगा। इसके अलावा माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और शिक्षकों के बीच संतुलन, शिक्षा स्तर और बौद्धिक कार्यक्रमों के आयोजन पर जोर दिया जाएगा। राठौड़ ने 30 से ज्यादा पुस्तकों का लेखन किया है। वह 1984 में स्कूल शिक्षक नियुक्त हुए थे। जवाजा के राजकीय सीनियर उच्च माध्यमिक विद्यालय से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली। मौजूदा वक्त राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कार्यकारिणी सदस्य हैं।
इससे पहले राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने एक आदेश जारी करते हुए राजस्थान लोक सेवा आयोग के खाली पड़े पदों को भरने के लिए दो नए सदस्यों की नियुक्ति की घोषणा की है। इस नए आदेश के तहत वरिष्ठ शिक्षाविद प्रो. (डॉ.) संतोष आनंद और डॉ. दीपक कुमार शर्मा को आयोग के सदस्य पद पर नियुक्त किया गया था। राजभवन की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, इन दोनों नवनियुक्त सदस्यों को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी पदभार ग्रहण करने की तारीख से लेकर आगामी 6 वर्ष की अवधि के लिए अथवा 62 वर्ष की अधिकतम आयु सीमा पूरी होने तक (जो भी पहले हो) की अनिवार्य शर्त पर प्रदान की गई है।
Updated on:
20 Jun 2026 09:25 pm
Published on:
20 Jun 2026 08:57 pm
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