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शरीर को 32 घातक बीमारियां दे सकता है अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड

यह 32 हानिकारक प्रभावों से सीधे जुड़ा है, जिसमें हृदय रोग, कैंसर, टाइप-2 डायबिटीज, खराब मानसिक स्वास्थ्य और असामयिक मृत्यु का जोखिम शामिल है।
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Updated: 1 Mar 2024, 11:38 AM IST
शरीर को 32 घातक बीमारियां दे सकता है अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड
शरीर को 32 घातक बीमारियां दे सकता है अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड

लंदन। अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड (यूपीएफ) शरीर के हर हिस्से के लिए खतरनाक है। यह 32 हानिकारक प्रभावों से सीधे जुड़ा है, जिसमें हृदय रोग, कैंसर, टाइप-2 डायबिटीज, खराब मानसिक स्वास्थ्य और असामयिक मृत्यु का जोखिम शामिल है। प्रोटीन बार, सॉफ्ट ड्रिंक, रेडी टू ईट फूड और फास्ट फूड जैसे यूपीएफ की तेजी से बढ़ती वैश्विक खपत के बीच पहली वैश्विक समीक्षा के निष्कर्षों में ये नतीजे सामने आए हैं। समीक्षा में अमरीका के जॉन्स हॉपकिंस ब्लूमबर्ग स्कूल ऑफ पब्लिक हैल्थ, सिडनी विश्वविद्यालय और फ्रांस में सोरबोन विश्वविद्यालय सहित कई संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल थे।

विशेषज्ञों ने माना तंबाकू जितना हानिकारक:

अमरीका और ब्रिटेन में औसतन आधे से ज्यादा आहार में यूपीएफ शामिल है। विशेष रूप से युवा, गरीब या वंचित क्षेत्रों से आने वाले लोगों की डाइट में 80 फीसदी तक यह हानिकारक खाद्य पदार्थ सामान्य है। पूर्व में हुए शोधों ने यूपीएफ को खराब स्वास्थ्य से जोड़ा तो था लेकिन किसी व्यापक समीक्षा ने अब तक इस क्षेत्र में व्यापक मूल्यांकन प्रदान नहीं किया था। यूपीएफ की तुलना तंबाकू से करते हुए विशेषज्ञों ने कहा कि इस पर अंकुश लगाने के लिए सार्वजनिक नीतियां और कार्रवाई आवश्यक हैं।

कई बीमारियों का जोखिम बढ़ाता यूपीएफ:

लगभग एक करोड़ लोगों से जुड़े शोधों के विश्लेषण में शोधकर्ताओं ने अपने नतीजों को ठोस, अत्यधिक विचारोत्तेजक, विचारोत्तेजक, कमजोर या कोई सुबूत नहीं के रूप में वर्गीकृत किया। अत्यधिक विचारोत्तेजक सुबूतों में पाया गया कि डाइट में यूपीएफ की उच्च मात्रा होने पर किसी भी कारण से मृत्यु का जोखिम 21 फीसदी से अधिक रहता है। जबकि यूपीएफ, हृदय रोग से संबंधित मृत्यु, मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम को भी 40-66 फीसदी बढ़ा देता है। इससे अवसाद का खतरा 22 प्रतिशत तक अधिक हो जाता है।

भारत में भी बढ़ रही यूपीएफ की खपत:

भारत में 2011-2021 के दौरान यूपीएफ की बिक्री 13 फीसदी की दर से सालाना बढ़ी है। 2023 में आई एक रिपोर्ट में चिंता जताई गई थी कि देश में मोटापे की समस्या को कम करने के लिए इस चलन को रोकने की जरूरत है। एक दशक के दौरान यूपीएफ के रूप में सबसे ज्यादा उपभोग पेय पदार्थों का किया गया। इसके बाद चॉकलेट, शुगर कंफेक्शनरी और रेडीमेड फूड का स्थान रहा।

क्या है अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड:

यूपीएफ में पैकेज्ड बेक्ड चीजें, स्नैक्स और रेडी टू ईट फूड आदि शामिल होते हैं। ये कई औद्योगिक प्रक्रियाओं से गुजरते हैं और इनमें अक्सर रंग, स्वाद आदि मिलाया जाता है। इन उत्पादों में चीनी, वसा या नमक की मात्रा अधिक होती है, जबकि विटामिन और फाइबर कम होते हैं इसलिए ये स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं।

डाइट में यूपीएफ की अधिकता और मृत्यु संबंधी जोखिम

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