जयपुर. राजधानी में रहकर भी लोगों को सडक़, पानी, सीवरेज जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। पेयजल को लेकर लोग परेशान है। नालियां नहीं होने से गंदा पानी सड़क पर भरा रहा रहता है। ये मुद्दे मंगलवार को जयसिंहपुरा खोर के इच्छापूर्ण हनुमानजी मंदिर में आयोजित राजस्थान पत्रिका के स्पीक आउट कार्यक्रम में […]
जयपुर. राजधानी में रहकर भी लोगों को सडक़, पानी, सीवरेज जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। पेयजल को लेकर लोग परेशान है। नालियां नहीं होने से गंदा पानी सड़क पर भरा रहा रहता है। ये मुद्दे मंगलवार को जयसिंहपुरा खोर के इच्छापूर्ण हनुमानजी मंदिर में आयोजित राजस्थान पत्रिका के स्पीक आउट कार्यक्रम में सामने आए। जनता ने खुलकर अपनी समस्याएं बताईं।
जोन उपायुक्त ने सुनी समस्याएं, समाधान का दिया आश्वासन
कार्यक्रम में पहुंचे हैरिटेज नगर निगम के हवामहल-आमेर जोन उपायुक्त करतार सिंह ने जनता की समस्याओं को सुना, उन्हें नोट किया। उन्होंने कचरा संग्रहण के लिए हूपर्स और सफाई कर्मी बढ़ाने की बात कही। वार्ड 14 के पार्षद नंदकिशोर सैनी ने कहा कि पानी की समस्या जल्द दूर होगी, इसके लिए 6 करोड़ रुपए की योजना तैयार है। 297 करोड़ रुपए में सीवर लाइन का काम होगा। वार्ड 13 के पार्षद सुरेश सैनी ने कहा कि क्षेत्र में 10 फैक्ट्रियों को चिह्नित कर रखा है, मामला कोर्ट में हैं। आवासीय क्षेत्र से जल्द ही ये फैक्ट्रियां हटेंगी। जल्द ही सैटेलाइट अस्पताल की सौगात मिलेगी।
महिलाओं ने बताई समस्या
कार्यक्रम में नेहा कंवर, ममता सैनी, उमा राय, कुसुम, कमलेश देवी सहित कई महिलाएं भी पहुंची। उन्होंने क्षेत्र में पानी, सफाई, रोड लाइट आदि समस्याओं को लेकर बात रखी।
जयसिंहपुरा खोर में सबसे अधिक पानी और नाली की समस्या है। यहां मकान किराए से ज्यादा पानी महंगा है, हर 7वें दिन 300 रुपए में पानी का टैंकर डलवाना पड़ता है।
- नेमीचंद शर्मा
भौमियाजी नगर, मालों की ढाणी में पेयजल लाइन नहीं है। रात को कॉलोनियों में अंधेरा रहता है। जंगल से बघेरा आबादी क्षेत्र में आ रहा है। रोड लाइट लगाई जाए।
- नारायण सिंह
केशव नगर तक मुख्य रोड टूटी पड़ी है। जगह-जगह गड्ढे हो रहे हैं। गर्भवती को लाने ले जाने में परेशानी होती है। जनप्रतिनिधि सुनवाई नहीं करते हैं।
- प्रहलाद छिपा
क्षेत्र में पानी, बिजली की समस्या है, जिसे लेकर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अधिकारी फोन नहीं उठाते। 36 घंटे में भी समस्या का समाधान नहीं होता है।
- महेश टिंकर
रोहित नगर-तृतीय पुरानी कॉलोनी होने के बाद भी यहां सडक़ नहीं है। आधी कॉलोनी में रोड लाइट लग गई, आधी अंधेरे में डूबी है। बड़े नाले को आगे बढ़ाना चाहिए।
- कालूराम मीना
आवासीय कॉलोनियों में फैक्ट्रियां चल रही हैं, रामविहार कॉलोनी में ही दो गलीचा फैक्ट्री है। आबादी क्षेत्र से फैक्ट्री हटनी चाहिए। पुलिस सुनवाई नहीं कर रही है।
- रूमा बिंद
वार्ड 14 विकास के नाम पर पीछे हैं। कॉलोनियों में हूपर नहीं आ रहे हैं। सीवर लाइन नहीं है, इससे गंदा पानी सडक़ों पर भरा रहता है।
- दिलीप कुमार मिश्रा
40 साल से नियमित सुबह पानी आता था। पिछले साल से पानी आने का समय निर्धारित नहीं है, कभी-कभी तो पानी आता ही नहीं है, जलदाय अधिकारी सुनवाई नहीं करते हैं।
- डॉ. अमरचंद कुमावत
ओमशिव कॉलोनी में पेयजल को लेकर लोग परेशान हो रहे हैं। टैंकर मंगवाकर लोग पानी पी रहे हैं। जबकि आसपास की कॉलोनियों में पानी आ रहा है।
- दिनेश सोनी
जयसिंहपुरा खोर में मुख्य समस्या पानी व सड़क ही है। लोगों को पर्याप्त पेयजल नहीं मिल पा रहा है। कई कॉलोनियों में पानी की लाइन नहीं डली है।
- सत्यनारायण शर्मा