लक्ष्य सेन कुमामोटो मास्टर्स जापान में बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद करेंगे, ताकि सीजन के अंत में होने वाले वर्ल्ड टूर फाइनल्स के लिए क्वालिफाई कर सकें। लक्ष्य इस टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई करने वाले एकमात्र भारतीय एकल खिलाड़ी हैं। कल से शुरू हो रहे इस टूर्नामेंट में लक्ष्य सेन पहले राउंड में जापान के कोकी वतनबे से कड़ी चुनौती का सामना करेंगे। वहीं, प्रणॉय मलेशिया के जुन हाओ लियोंग के खिलाफ मैदान में उतरेंगे।
Kumamoto Masters Japan: चोट से उबरने के बाद एचएस प्रणॉय मंगलवार से शुरू हो रहे कुमामोटो मास्टर्स जापान 2025 बैडमिंटन टूर्नामेंट में राष्ट्रीय टीम में वापसी करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। वहीं, लक्ष्य सेन बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर फाइनल्स में अपनी जगह पक्की करने के इरादे से मैदान में उतरेंगे।
विश्व चैंपियनशिप के ब्रॉन्ज मेडलिस्ट प्रणॉय आखिरी बार सितंबर में कोरिया ओपन*में खेले थे, जहां चोट लगने के कारण उन्हें मैच बीच में ही छोड़ना पड़ा था। 33 वर्षीय प्रणॉय के लिए यह सीजन अब तक कठिन रहा है। वे 14 बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर टूर्नामेंटों में से किसी में भी दूसरे राउंड से आगे नहीं बढ़ पाए हैं और आठ बार पहले ही राउंड में हार झेल चुके हैं। इस टूर्नामेंट में वे मलेशिया के जुन हाओ लियोंग के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेंगे।
इस बीच, युवा शटलर लक्ष्य सेन जापान में अच्छा प्रदर्शन कर सीजन के अंत में होने वाले वर्ल्ड टूर फाइनल्स के लिए क्वालिफाई करने की कोशिश करेंगे। वे इस प्रतिष्ठित इवेंट के लिए क्वालिफाई करने वाले एकमात्र भारतीय पुरुष एकल खिलाड़ी हैं। पहले राउंड में उनका सामना जापान के कोकी वतनबे से होगा, जो उन्हें कड़ी चुनौती दे सकते हैं।
इस साल यूएस ओपन खिताब जीतने वाले आयुष शेट्टी भी पुरुष एकल ड्रॉ में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे, उनके साथ किरण जॉर्ज और तरुण मन्नेपल्ली भी हिस्सा ले रहे हैं। महिला एकल में 17 वर्षीय नैशा कौर भटोये भारत की एकमात्र प्रतिभागी होंगी, जो क्वालिफायर राउंड से अपने अभियान की शुरुआत करेंगी।
वहीं, मिश्रित युगल वर्ग में रोहन कपूर और रुथविका शिवानी गड्डे की जोड़ी भारत की एकमात्र प्रतिनिधि होगी। उनका मुकाबला अमेरिका की प्रेस्ली स्मिथ और जेनी गाई की जोड़ी से होगा। कुल मिलाकर, भारतीय टीम के लिए यह टूर्नामेंट नई शुरुआत और आत्मविश्वास दोबारा हासिल करने का मौका लेकर आया है।