श्री गंगानगर

Rajasthan: राजस्थान में तूफान का कहर, भट्टे के पास बने 12 मकान धराशायी, 7 बच्चों सहित 10 लोग घायल

Storm in Rajasthan: मंगलवार शाम को धूल भरी आंधी चलने लगी। बरसात के बाद तेज हवाओं ने तूफान सा रूप ले लिया। इसी दौरान 67 जीबी एक ईंट भट्टे के पास मजदूरों की ओर से बनाए 12 मकान एक-एक करके धराशायी हो गए।
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Updated: 4 Jun 2025, 6:10 AM IST
Storm in Rajasthan
तूफान के बाद धाराशायी मकान (फोटो- पत्रिका)

राजस्थान के अनूपगढ़ क्षेत्र में मंगलवार शाम अचानक आए तेज तूफान ने तबाही मचाई। तूफान से जहां एक तरफ विद्युत पोल और पेड़ गिरे हैं। वहीं गांव 67 जीबी में एक ईंट भट्टे के पास बने मकानों पर तूफान का कहर टूट पड़ा। तूफान के चलते करीब 12 मकान पूरी तरह से ढह गए। ये मकान ईंट भट्टे के श्रमिकों ने ही अपने रहने के लिए बनाए थे।

मंगलवार की शाम इन मकानों में रह रहे मजदूरों के परिवारों पर जैसे आफत बनकर टूटी है। हालांकि इस हादसे में कोई जानमाल की हानि नहीं हुई है, लेकिन 7 मासूम बच्चों सहित कुल 10 लोग घायल हुए हैं। इनमें 2 महिलाएं भी शामिल हैं। सभी का अनूपगढ़ के राजकीय चिकित्सालय में इलाज चल रहा है।

आंधी के बाद आया तूफान

जानकारी के अनुसार मंगलवार शाम को लगभग 7 बजे धूल भरी आंधी चलने लगी। बरसात के बाद तेज हवाओं ने तूफान सा रूप ले लिया। इसी दौरान 67 जीबी एक ईंट-भट्टे के पास मजदूरों की ओर से बनाए 12 मकान एक-एक करके धराशायी हो गए। मकानों के गिरने से उस समय से लोग मकानों के अंदर थे, वे मलबे में दब गए।

मकानों में रखा सारा घरेलू सामान बिस्तर, कपड़े, राशन, बर्तन आदि मलबे में दबकर पूरी तरह से नष्ट हो गया। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत राहत कार्य शुरू किया। घायलों को मलबे से निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। ग्रामीणों की सहायता से सभी घायलों को 108 एम्बुलेंस की मदद से राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार शुरू किया गया।

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एसडीएम ने भोजन और ठहरने की व्यवस्था की

हादसे की सूचना मिलने पर उपखंड अधिकारी सुरेश राव ने नायब तहसीलदार धीरेन्द्र यादव को अस्पताल भेजा। नायब तहसीलदार यादव ने घायलों की कुशलक्षेम पूछी। उपखंड अधिकारी की तरफ से सभी लोगों के लिए भोजन आदि की व्यवस्था की गई और ठहरने के लिए रैन बसेरे और धर्मशाला आदि में व्यवस्था करवाई गई। वहीं घायलाें को चिकित्सीय देख रख में अस्पताल में रुकने की सलाह दी, लेकिन श्रमिकों ने बताया कि उनके परिवार के सदस्य दो ईंट भट्टों पर कार्य करते हैं।

दूसरा ईंट भट्टा सुरक्षित है, उपचार के बाद वे 68 जीबी स्थित ईंट भट्टे पर चले जाएंगे। सभी घायल पूरी तरह से सुरक्षित हैं और किसी को भी गंभीर चोट नहीं आई है। हादसे में सोहन पाल पुत्र रामकिशन, विकास (19) पुत्र राकेश, अंकित(13) पुत्र रामनिवास, वंदना (7) पुत्र राजेश, अनूप (13) पुत्र राजेश, कन्या देवी (40) पत्नी राजेश सहित अन्यों को चोटें लगी हैं।

Updated on:
4 Jun 2025, 6:10 AM IST
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