श्रीगंगानगर.न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर पिछले वर्ष की तरह पूरी गेहूं खरीद की मांग को लेकर सोमवार को श्रीगंगानगर सहित जिले की 15 कृषि उपज मंडियां पूरी तरह बंद रहीं। मंडियां बंद रहने से कृषि जिंसों की खरीद-फरोख्त ठप हो गई और किसानों-व्यापारियों में राज्य सरकार के खिलाफ आक्रोश खुलकर सामने आया।जिला मुख्यालय की नई […]
श्रीगंगानगर.न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर पिछले वर्ष की तरह पूरी गेहूं खरीद की मांग को लेकर सोमवार को श्रीगंगानगर सहित जिले की 15 कृषि उपज मंडियां पूरी तरह बंद रहीं। मंडियां बंद रहने से कृषि जिंसों की खरीद-फरोख्त ठप हो गई और किसानों-व्यापारियों में राज्य सरकार के खिलाफ आक्रोश खुलकर सामने आया।जिला मुख्यालय की नई धानमंडी आंदोलन का केंद्र रही। सुबह व्यापारी गंगानगर कच्चा आढ़तिया संघ कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए और मंडी के तीनों मुख्य गेट बंद कर दिए। इसके चलते मंडी के बाहर ट्रैक्टर-ट्रोलियों की लंबी कतारें लग गईं। किसान उपज लेकर पहुंचे, लेकिन प्रवेश नहीं मिलने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। किसान भवन गेट और शिव चौक की ओर मुख्य द्वार पर जाम की स्थिति बनी रही, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ।
आंदोलन के दौरान कच्चा आढ़तिया संघ के अध्यक्ष रायसिंह कुलडिया, सचिव शुभम अरोड़ा, उपाध्यक्ष यादवेंद्र सिंह, कुनाल सिंगल और कोषाध्यक्ष ज्ञान प्रकाश साहू को माल्यार्पण कर क्रमिक अनशन पर बैठाया गया। धरना स्थल पर व्यापारी नेता कुलदीप कासनिया, धर्मवीर डुडेजा, विक्रम चितलागिंया, भूपेंद्र आहुजा, जीकेएस से रामकुमार सहारण और किसान आर्मी के गुरलाल बराड़ सहित बड़ी संख्या में किसान-व्यापारी मौजूद रहे।
दिनभर नारेबाजी और विरोध-प्रदर्शन चलता रहा। कृषि उपज मंडी समिति (अनाज) के सचिव कार्यालय का मुख्य गेट बंद होने के बावजूद कई व्यापारी अंदर पहुंचकर धरने में शामिल हुए। स्थिति को देखते हुए मंडी परिसर में पुलिस जाब्ता तैनात किया गया। इस दौरान कृषि विपणन विभाग के क्षेत्रीय संयुक्त निदेशक महीपाल माली से किसानों और व्यापारियों की वार्ता भी हुई, लेकिन समाधान को लेकर दिनभर असमंजस बना रहा। इसी बीच रायसिंहनगर विधायक सोहन नायक और कांग्रेस नेता राकेश शर्मा भी मौके पर पहुंचे और किसानों-व्यापारियों की समस्याएं सुनीं।
व्यापारियों की हड़ताल के कारण सोमवार को धानमंडी में दिनभर कामकाज ठप रहा और सन्नाटा पसरा रहा। दोपहर करीब डेढ़ बजे मंडी समिति सचिव के आश्वासन के बाद मुख्य गेट खोल दिए गए, लेकिन एमएसपी पर गेहूं की खरीद शुरू नहीं हो सकी। हालांकि शाम के समय कुछ व्यापारियों ने सरसों, जौ और चना की सीमित खरीद-बिक्री की, जिससे आंशिक गतिविधियां लौटती नजर आईं।
दोपहर करीब सवा तीन बजे खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से एक पत्र मिलने से राहत की उम्मीद जगी, लेकिन स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण व्यापारियों ने क्रमिक अनशन जारी रखा। अंतत: शाम करीब सात बजे मंडी समिति सहायक सचिव सुखराम अरोड़ा ने जूस पिलाकर अनशन समाप्त करवाया।