
हनुमानगढ़.
प्रदेश भर के शहरों की साफ-सफाई में हनुमानगढ़ ने अपनी अलग पहचान बनाई है। इस बार देशभर में एक लाख से अधिक के आबादी के शहरों में हुए स्वच्छता सर्वेक्षण में हनुमानगढ़ ने 169वां स्थान हासिल किया है। खास बात है कि प्रदेश में 29 निकायों में सातवें स्थान मिला है। संभाग में प्रथम स्थान हासिल करने का भी गौरव प्राप्त किया है। मतलब साफ है कि हनुमानगढ़ नगर परिषद स्वच्छता के क्षेत्र में 22 निकायों से बेहतर है। पिछली बार शहर की सफाई व्यवस्था में पिछडऩे से मिली सीख से अधिकारियों की रणनीति काम आई।
सर्वेक्षण से पहले तत्कालीन आयुक्त राकेश मेहन्दीरत्ता के निर्देशन में गठित टीम ने टाउन व जंक्शन के वार्डों में साफ-सफाई में सुधार लाने के लिए प्रचार-प्रसार से लेकर फीडबैक देने के लिए नागरिकों को घर-घर जाकर जागरूक किया था। प्रतियोगिता 4000 अंकों की थी। इसमें हनुमानगढ़ को 2209 अंक मिले। जबकि प्रथम स्थान पर रहे जयपुर को 2970 अंक मिले हैं। दूसरे स्थान पर उदयपुर, तीसरे पर कोटा, चौथे पर अजमेर, पांचवें पर पाली, छठे पर भीलवाड़ा व सातवें पर नगर परिषद हनुमानगढ़ रही।
संभाग के जिलों को पछाड़ा
प्रदेश भर की 29 निकायों की रैंकिंग में श्रीगंगानगर को 1566 अंक मिले हैं जो कि 25 वें स्थान पर रहा है। जबकि चूरू ने नौंवें स्थान पर रहकर 2165 अंक हासिल किए हैं। दसवें स्थान पर झ्ंाुझुनूं 2164 व बीकानेर को 1768 अंक मिले हैं।
बेहतर कर सकते थे
नगर परिषद स्वच्छता एप अधिक संख्या में डाउनलोड नहीं करा सकी। इस एप पर दर्ज की गई शिकायतों का निस्तारण समय पर नहीं हो पाया। कच्ची बस्ती इलाके में महिलाएं फीड बैक देने से कतराई। शहर में अभी तक कचरा प्रबंधन प्लांट शुरू नहीं होने से चार सौ अंक कटे। इन बिन्दुओं पर काम होने से नगर परिषद और भी बेहतर स्थान हासिल कर सकती थी।
332 से आए 169 पर
स्वच्छता सर्वेक्षण 2017 में हनुमानगढ़ का स्थान देश भर में 488 शहरों के बीच हुई प्रतियोगिता में 332 वां स्थान रहा था। उस वक्त प्रतियोगिता 2000 अंकों की थी, इसमें 720 अंक मिले थे। जबकि इस पर नगर परिषद की टीम ने शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार कर 169 स्थान पर आई है। लेखाधिकारी राकेश मेहन्दीरत्ता ने बताया कि टीम में स्वच्छ भारत मिशन प्रभारी विश्वास सिंघल, सहायक अभियंता राजेन्द्र स्वामी, सुभाष बंसल, रामकरण यादव, जगदीश सिराव, अजय शर्मा व सफाई निरीक्षक शामिल थे।
इन्होंने दिलाए अंक
सर्वेक्षण से पहले रात में मुख्य बाजारों की साफ-सफाई, 17 ऑटो टिप्पर, कचरा संग्रहण वाहनों पर जीपीएस सिस्टम, मुख्य बस स्टैंड व सार्वजनिक स्थानों पर कचरा पात्र बांटे गए। जगह-जगह प्रचार-प्रसार, फीडबैक के लिए सरकारी कार्यालयों में अस्थाई काउंटर स्थापित होने से ज्यादा से ज्यादा नागरिकों के फीडबैक मिलने की वजह से अच्छे अंक मिले हैं।