पंचायतीराज विभाग की ओर से ग्राम पंचायतों के परिसीमन के आदेशों के बाद ग्रामीण असमंजस में हैं। उन्हें डर सता रहा है।
रायसिंहनगर। पंचायतीराज विभाग की ओर से ग्राम पंचायतों के परिसीमन के आदेशों के बाद ग्रामीण असमंजस में हैं। एक ओर ग्रामीणों को पंचायत से अलग होने का डर सता रहा है तो वहीं दूसरी ओर पंचायत मुख्यालय से अधिक दूरी पर स्थित गांवों को परिसीमन के बाद राहत की उम्मीद बंधी है।
इसके चलते कही गांव के मौजूदा ग्राम पंचायत में जुड़े रहने तो कहीं नजदीकी पंचायत के साथ जुड़ने के सुर तेज होने लगे हैं। इसको लेकर ग्राम चक 85 एलएनपी के ग्रामीणों ने वर्तमान ग्राम पंचायत 12 एनआरडी बिशनपुरा में ही यथावत रखने की मांग को लेकर उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है।
ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान में चक 85 एलएनपी ग्राम पंचायत 12 एनआरडी बिशनपुरा के अन्तर्गत आता है, जिनकी वर्तमान पंचायत मुख्यालय से दूरी करीब 03 किलोमीटर है तथा पंचायत में स्कूल, उचित मूल्य की दुकान, वाटरवर्क्स, ग्राम सेवा सहकारी समिति आदि हर प्रकार की सुविधाएं उचित दूरी पर उपलब्ध हैं व आने-जाने के लिए डामर रोड बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ लोग राजनैतिक कारणों से गांव को साथ मिलाकर अन्य किसी नई ग्राम पंचायत का सृजन करवाना चाहते हैं, जबकि हमारा गांव किसी भी नई ग्राम पंचायत में शामिल होने का इच्छुक नहीं है।
प्रकरण - 1
23 पीएस ए ग्राम पंचायत लिखमेवाला अधीन आता है। यह आबादी चक रायसिंहनगर अनूपगढ़ रोड के दक्षिण में स्थित है। इसकी अपने ग्राम पंचायत मुख्यालय से दूरी 9 किलोमीटर है, जबकि रायसिंहनगर शहर से दूरी मात्र 300 मीटर है।
प्रकरण - 2
ग्राम पंचायत लखाहाकम के अधीन आने वाले चक 28 आरबी की ग्राम पंचायत मुख्यालय से दूरी करीब 7 किमी है। लखाहाकम से इसके सीधे जुड़ने का कोई सुगम रास्ता तक नहीं है, जबकि ग्राम पंचायत संगराना से मात्र तीन किलोमीटर दूर है।
प्रकरण - 3
गत दिनों ग्राम पंचायत ठाकरी के चक 41 एनपी व 42 एनपी तथा ग्राम पंचायत नानूवाला के चक 38 एनपी व 45 एनपी के ग्रामीण अलग पंचायत की मांग कर चुके हैं, क्योंकि इन गांवों की दूरी पंचायत मुख्यालय ने करीब नौ किलोमीटर पड़ती है।
पंचायतों के पुनर्गठन को लेकर जो भी प्रस्ताव प्राप्त होंगे, उन आपत्तियां मांगी जाएगी। आपत्तियों के निस्तारण के बाद ही प्रस्ताव तैयार कर सक्षम स्तर पर भिजवाए जाएंगे।
- संजय जाखड़, विकास अधिकारी, पंचायत समिति, रायसिंहनगर।