
बाड़मेर। बाड़मेर जिले को नगरपालिकाओं का तोहफा बजट में मिला है और अब पंचायत समितियों की सौगात भी मिल सकती है। मरु स्थलीय जिलों में 20 ग्राम पंचायतों को मिलाकर एक पंचायत समिति बनाने की नियमों की छूट ने बाड़मेर की उम्मीद बढ़ा दी है। जिले में चौहटन पंचायत समिति में तो पहले से ही 50 ग्राम पंचायतें हैं। ऐसे में चौहटन में एक और पंचायत समिति बनने की पूरी उम्मीद है।
बाड़मेर और बालोतरा दोनों ही जिलों में अभी 688 ग्राम पंचायतें हैं। बालोतरा में 266 और बाड़मेर में 422 ग्राम पंचायतें हैं। ये ग्राम पंचायतें बढ़ते ही प्रत्येक पंचायत समिति में मौजूदा ग्राम पंचायतों से अधिक संख्या हो जाएगी। ऐेसे में वे न्यूनतम बीस ग्राम पंचायतों के ग्राफ से ऊपर जाएगी।
अभी बाड़मेर में 12 पंचायत समितियां है और बालोतरा में नौ, कुल 21 पंचायत समितियां है। जिनमें सभी में ग्राम पंचायतें बीस और उससे ज्यादा है।
चौहटन, बाड़मेर ग्रामीण, बाड़मेर, धोरीमन्ना, गडरारोड और शिव में ग्राम पंचायतों की संख्या नई ग्राम पंचायतें बनने के बाद 40 से अधिक हो जाएगी। ऐसे में यहां 20-20 के दो भाग होने से नई पंचायत समितियां बनने की उम्मीद रहेगी।
बालोतरा नए जिले में बालोतरा, बायतु, गिड़ा, सिवाना में पंचायत समिति बढ़ने की ज्यादा संभावना है।
राजनीति से जुड़े कद्दावर लोग पंचायत समितियां बढ़ाने के पक्ष में है। उनके ऐसे कार्यकर्ता जो प्रधान बनने की कुव्वत रखते है उनको यहां चुनाव लड़ाकर नया पद दिया जाएगा।इससे राजनीति से जुड़े लोगों को अपने लोगों को ज्यादा एडजस्ट करने का फायदा होगा। विकास को लेकर भी कार्य होगा।
अब इसमें राजनीतिक दलों की ओर से राजनीतिक गुणा भाग लगाया जाएगा। किस पंचायत समिति में कौनसी ग्राम पंचायतें मिलाने से फायदा-नुकसान होगा इस पर ध्यान केन्द्रित रहेगा। ऐसे में नई बनने वाली पंचायत समितियों का आकलन उसी से होगा।
Updated on:
23 Jan 2025 02:47 pm
Published on:
23 Jan 2025 02:47 pm
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