श्री गंगानगर

कृषि मंत्री का डीएपी खाद के गोदामों पर छापा, मचा हडक़ंप

कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने रविवार सुबह कृषि आदान गुण नियंत्रण अभियान के तहत सूरतगढ़ के इंडस्ट्रीज एरिया स्थित इफको बाजार गोदाम पर छापा मारा। इस कार्रवाई में कोरोमंडल कंपनी के करीब 30 हजार कट्टे डीएपी खाद और अन्य उर्वरक की बिक्री रोकी गई है।
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Updated: 23 Jun 2025, 2:05 AM IST
Agriculture Minister raids DAP fertilizer warehouses, causes commotion
सूरतगढ़. रीको क्षेत्र में गोदाम में पड़े डीएपी खाद के कट्टों का निरीक्षण करते कृषि मंत्री।

सूरतगढ़ (श्रीगंगानगर). कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने रविवार सुबह कृषि आदान गुण नियंत्रण अभियान के तहत सूरतगढ़ के इंडस्ट्रीज एरिया स्थित इफको बाजार गोदाम पर छापा मारा। इस कार्रवाई में कोरोमंडल कंपनी के करीब 30 हजार कट्टे डीएपी खाद और अन्य उर्वरक की बिक्री रोकी गई है।
कृषि मंत्री के निर्देश पर कृषि अधिकारियों की टीमें देर शाम तक गोदामों के रिकॉर्ड की गहन जांच करती रही और खाद के सैंपल लेकर उन्हें प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया जारी रही। मंत्री मीणा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गोदामों का पूरा रिकॉर्ड चेक किया जाए और अवैध सामग्री के खिलाफ सख्त कार्रवाई
की जाए।
इस छापेमारी के बाद, कृषि मंत्री इफको के प्वाइंट पर भी पहुंचे और वहां से डीएपी वितरण की प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने रीको क्षेत्र में स्थित एक अन्य गोदाम में भी छापेमारी की, जहां विभिन्न कंपनियों के उर्वरक जब्त किए गए। गोदाम में मौजूद अनुपयोगी खाद के कट्टों का भी निरीक्षण किया गया। इसके अलावा, हनुमानगढ़ जिले के पीलीबंगा में भी कृषि मंत्री ने छापेमारी की। वहां वे कार्रवाई कर 10 मिनट बाद निकल गए। इस कार्रवाई के दौरान संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार सतीश शर्मा, सहायक निदेशक सुरजीत बिश्नोई, कृषि अधिकारी सुदेश भांभू, विकास भाद व अभिमन्यु गोदारा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

नहीं चलने देंगे डीएपी कंपनियों की मनमानी

पत्रकारों से बातचीत में कृषि मंत्री डॉ. मीणा ने बताया कि डीएपी खाद कंपनियां किसानों को केवल डीएपी खाद ही नहीं, बल्कि अन्य उर्वरक भी लेने के लिए मजबूर कर रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी मनमानी को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मंत्री ने कहा, सूरतगढ़ के गोदामों में डीएपी खाद और अन्य उर्वरक मिले हैं। उन्होंने कृषि अधिकारियों को इन गोदामों का रिकॉर्ड चेक करने और खाद के सैंपल लेकर उनकी जांच कराने के निर्देश दिए हैं। नकली खाद मिलने पर संबंधित फर्म संचालकों के लाइसेंस को रद्द कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कृषि मंत्री मीणा का कहना था कि एक गोदाम में 30 हजार कट्टे डीएपी खाद के पाए गए, लेकिन यह खाद किसानों को वितरित की जानी चाहिए थी। नकली खाद और बीज से किसानों की आर्थिक स्थिति बिगड़ रही है, और उनके खेत बंजर हो रहे हैं। राज्य सरकार इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

गोदामों में डीएपी व अन्य उर्वरकों की सैंपलिंग, होगी जांच

कृषि मंत्री के निर्देशानुसार उपनिदेशक उद्यान प्रीतीबाला गर्ग व सहायक निदेशक कविता स्वामी के नेतृत्व में कृषि अधिकारियों की टीमों दोनों गोदामों में डीएपी खाद के रिकॉर्ड की जांच कर सैम्पङ्क्षलग कार्य में देर शाम को जुटी रही। कृषि अधिकारियों ने बताया कि सैम्पङ्क्षलग के बाद गोदामों को सीज भी किया जाएगा। संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार सतीश शर्मा ने बताया कि सूरतगढ़ क्षेत्र के करीब पांच गोदामों में रखे डीएपी व अन्य उर्वरकों का स्टॉक जांच किया जा रहा है। इसके साथ ही सैम्पङ्क्षलग का भी ली जा रही है। यह कार्रवाई देर शाम तक चलेगी। वही, कोरोमंडल इंटरनेशनल कम्पनी के क्षेत्रीय प्रबंधक भवानी ङ्क्षसह ने बताया कि 16 जून को डीएपी खाद के 30 हजार बैग आए थे। बरसाती मौसम होने की वजह से डीएपी के कुछ बैग भीग गए थे। ऐसे में इसका समय पर वितरण नहीं हो पाया।

Updated on:
23 Jun 2025, 2:05 AM IST
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