- बैंककर्मी, पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद
श्रीगंगानगर.
बारह करोड़ रुपए का कर्जा लेकर नहीं चुकाने पर मंगलवार को पंजाब नेशनल बैंक ने लाखों की ठगी के मामले में जमानत पर चल रहे राजेन्द्र उर्फ चिंटू वधवा के सुखाडिय़ा नगर स्थित मकान को कब्जे में ले लिया।इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी व पुलिस जाब्ता तैनात रहा।
बैंक के वकील विपिन सिद्ध ने बताया कि राजेन्द्र उर्फ चिंटू वधवा ने अपने परिजनों व परिचितों की फर्में जगदीश चंद्र सुरेन्द्र कमार, महकक्रिएशन, अंश कॉरपोरेशन, वधवा टेक्सफैब व सेतिया इंटरप्राइजेज के नाम से पीएनबी की मीरा चौक व कृषि मंडी शाखा से करीब आठ करोड़ रुपए का कर्ज 2009 में लिया था। इस पर करीब चार करोड़ रुपए का ब्याज बन गया। कर्ज और ब्याज की राशि जमा नहीं कराने पर बैंक अधिकारियों ने कार्रवाई शुरू की।
मंगलवार को बैंक प्रबंधक सहित अन्य अधिकारी, एसडीएम यशपाल आहूजा, जवाहरनगर थाने व पुलिस लाइन का जाब्ता वधवा के सुखाडिया नगर स्थित मकान पहुंचा। जहां चिंटू मौजूद नहीं था। इस पर उसके परिजन वहां आए।उन्होंने मकान खाली करने के लिए अधिकारियों से मोहलत मांगी, लेकिन अधिकारियों ने इनकार कर दिया। सुबह ग्यारह बजे से शाम तक वधवा के परिजन, रिश्तेदार व परिचित मकान खाली करने में जुट गए। इस दौरान वहां आसपास के लोग भी जमा हो गए। शाम तक मकान से सामान खाली होने के बाद बैंक अधिकारियों ने मकान पर कब्जा ले लिया। बैंक की ओर से अपनी रिकवरी पूरी करने के लिए मकान को नीलाम किया जाएगा। यदि मकान नीलाम करने से बैंक का कर्ज चुकता नहीं होता है तो अन्य संपत्तियों को अटैच किया जाएगा। इस दौरान कार्यपालक मजिस्ट्रेट एसडीएम यशपाल आहूजा, मण्डल मुख्य प्रबंधक जसवीर सिंह मिल्लू, शाखा प्रबंधक राजेश कटारिया, विधि प्रबंधक यशवंत बिंदल आदि मौजूद थे।
सुबह दस से शाम 7 बजे तक कार्रवाई
- सिद्ध ने बताया कि मंगलवार सुबह दस बजे एसडीएम, बैंक अधिकारी व पुलिस जाब्ता वधवा के मकान पर पहुंचा। शाम सात बजे तक मकान खाली किया गया। दिनभर अधिकारी व जाब्ता मौजूद रहा। खाली होने के बाद मकान सील कर दिया गया। इसकी अन्य संपत्ति कुर्क करने के भी आदेश हैं, जिन पर कार्रवाई की जाएगी।