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राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर से बड़ी खबर सामने आई है। भारत और पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बढ़ती राष्ट्रविरोधी गतिविधियों और घुसपैठ की आशंकाओं ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। इसी के मद्देनज़र जिला मजिस्ट्रेट डॉ. अमित यादव ने एक बड़ा फैसला लेते हुए सरहद से सटे 3 किलोमीटर के दायरे में प्रतिबन्धात्मक आदेश (Restrictive Orders) जारी कर दिए हैं।
5 मई 2026 को जारी इस आदेश के बाद अब सीमावर्ती इलाकों में शाम ढलते ही सन्नाटा पसर जाएगा। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने कुछ कड़े नियम तय किए हैं:
यह प्रतिबंध केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रीगंगानगर जिले के उन सभी प्रमुख हिस्सों को कवर करता है जो सीधे पाकिस्तान की सीमा से सटे हुए हैं। इनमें शामिल हैं:
खेती-किसानी राजस्थान की जीवन रेखा है। बॉर्डर के पास रहने वाले किसानों को सिंचाई के लिए रात में भी खेतों में जाना पड़ता है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने एक विशेष रियायत दी है। यदि रात के समय सिंचाई के लिए जाना अनिवार्य है, तो किसानों को सीमा सुरक्षा बल (BSF) या सेना के अधिकारी से लिखित अनुमति लेनी होगी। बिना अनुमति के सीमा क्षेत्र में प्रवेश कानूनी अपराध माना जाएगा।
जिला मजिस्ट्रेट डॉ. अमित यादव ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 का प्रयोग करते हुए यह आदेश प्रभावी किया है। यह आदेश आगामी 15 सितंबर 2026 तक लागू रहेगा। हालांकि, केंद्र और राज्य सरकार के अधिकृत कर्मचारी, जो ड्यूटी पर तैनात हैं, उन्हें इन प्रतिबंधों से छूट दी गई है।
अचानक से 3 किलोमीटर के दायरे को पूरी तरह प्रतिबंधित करना और रात के समय रोशनी तक पर पाबंदी लगा देना, कई अनसुलझे सवालों को जन्म दे रहा है। क्या सीमा पार से किसी बड़े ड्रोन मूवमेंट की आशंका है? या फिर राष्ट्रविरोधी तत्व किसी गुप्त सुरंग या घुसपैठ के फिराक में हैं? प्रशासन ने इसे 'जन-सुरक्षा और शांति भंग की आशंका' बताया है, लेकिन सरहद पर बढ़ती यह सख्ती किसी बड़े ऑपरेशन या इनपुट की ओर इशारा कर रही है।
Updated on:
06 May 2026 11:45 am
Published on:
06 May 2026 11:45 am
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