
श्रीगंगानगर.
जयपुर-कोटा एक्सप्रेस में सीनियर सीटीआई 'ट्रेन कैप्टन' के रूप में नामित किए गए हैं। सोमवार से बीकानेर मंडल में रेलवे बोर्ड के आदेश पर नई व्यवस्था लागू हो गई। पहले दिन सीनियर सीटीआई प्रभुराम 'कैप्टन' के रूप में जयपुर-कोटा एक्सप्रेस में रवाना हुए, जबकि मंगलवार को सीटीआई राजकुमार को यह जिम्मेदारी सौंपी गई। सीनियर डीसीएम अभय शर्मा ने पत्रिका को बताया कि बीकानेर मंडल की चार टे्रनों में सीनियर सीटीआई 'कैप्टन' का लाल रंग का बैज लगाकर ड्यूटी पर आएंगे ताकि यात्री आसानी से उनकी पहचान कर सके। इन सभी 'कैप्टन' पर ट्रेन में यात्रियों की हर प्रकार की शिकायत को सुनकर मौके पर ही समाधान करने का दायित्व होगा।
ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्री एसी, पंखें, लाइट और शौचालय में सफाई को लेकर आमतौर पर शिकायतें करते हैं। यात्रियों के समक्ष दिक्कत रहती है कि वे अपनी समस्या का समाधान किस से करवाएं? ऐसी शिकायतों को देखते हुए रेलवे प्रशासन की ओर से यह नई व्यवस्था लागू की गई है। एसी की कूलिंग कम होने अथवा खराब बेडरोल और पानी संबंधी शिकायत अब यात्री ट्रेन कैप्टन से कर सकेंगे। टे्रन कैप्टन के पास गार्ड टीटीई और पायलट आदि के मोबाइल नम्बर होंगे। किसी भी समस्या के सामने आने पर ट्रेन कैप्टन संबंधित कर्मचारी से सम्पर्क कर सकेगा।
स्ट्रक्चर डिजायन की कॉपी नहीं मिली
- सरकारी मेडिकल कॉलेज का मामला
श्रीगंगानगर. राजकीय जिला चिकित्सालय परिसर में बनने वाले सरकारी मेडिकल कॉलेज के स्ट्रक्चर डिजायन की हार्डकॉपी मंगलवार को सार्वजनिक निर्माण विभाग को नहीं मिली। मेडिकल कॉलेज निर्माण के संबंध में सोमवार को कलक्ट्रेट के सभागार में जिला कलक्टर ज्ञानाराम की अध्यक्षता में हुई बैठक में दानदाता बी.डी.अग्रवाल ने स्ट्रक्चर डिजायन की हार्डकॉपी मंगलवार को उपलब्ध करवाने की बात कही थी।
इस संबंध में सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सुमन मनोचा से पूछने पर उन्होंने बताया कि स्ट्रक्चर डिजायन की हार्डकॉपी उन्हें नहीं मिली है। दानदाता ने किसी और को यह कॉपी सौंपी है तो उन्हें इसकी जानकारी नहीं। जिला कलक्टर ने भी इस बारे में अनभिज्ञता जताई और कहा कि इसके बारे में वे बुधवार को बात करेंगे।