जहाँ हम काम करते है वहीँ सो जाते हैं। हमें इस फेक्ट्री में काम करते हुये चार माह हो गये हैं।
श्रीगंगानगर.
तपोवन चाइल्ड हैल्पलाइन,श्रीगंगानगर,बाल कल्याण समिति व मानव तस्करी विरोधी यूनिट की संयुक्त कार्यवाही मे गुरुवार को मकान नंबर-08,चूड़ा कारखाना,राणा प्रताप कॉलोनी, शिवमंदिर के पीछे,श्रीगंगानगर में एक मकान पर छापा मारकर 5 बाल मजदूरों को मुक्त करवाया गया। मुक्त करवाए गये सभी बच्चे बिहार के नालंदा,वैला,मकदुमपुर जिलों के रहने वाले है और सभी बच्चों की आयु 10-12 वर्ष के मध्य है।जिस समय छापे की कार्यवाही की गयी,उस समय बच्चे सीप के चुडे बनाने में व्यस्त थे।
मौके पर इन बच्चों से बाल मजदूरी करवा रहे चुडा फैक्ट्री के मालिक मोहम्मद इकराम पुत्र मोहम्मद जुल्फीकार निवासी- गॉंव-हाजी चक,पुलिस थाना-वैला,जिला-गया बिहार मौके पर फरार हो गया था,बाद में उसे गिरफ्तार कर बालश्रम,किशोर न्याय अधिनियम की विभिन्न धाराओ में जवाहर नगर थाने में मुकदमा दर्ज करवाया जा रहा है।कार्यवाही के दौरान बाल कल्याण समिति से अध्यक्ष एडवोकेट लक्ष्मीकांत सैनी,सदस्य जगदीश चंदेल,तपोवन चाइल्ड हैल्पलाइन के जिला समन्वयक त्रिलोक वर्मा व टीम सदस्य राकेश स्वामी,मानव तस्करी विरोधी यूनिट के प्रभारी बलवंत राय,हवलदार गुरबाज सिंह संरा, सिपाही रामकेश,विकास गोदारा, विजय शंकर,महिला पुलिसकर्मी सुनीता उपस्थित रहे।
चाइल्ड लाइन के जिला समन्वयक त्रिलोक वर्मा द्वारा बाल मजदूरी से मुक्त करवाए गये बच्चों से मानव तस्करी कार्यालय में जाकर मुलाकात की। बच्चों ने बताया कि फैक्ट्री के मालिक द्वारा 14-16 घंटे काम करवाया जाता है।बच्चों ने बताया की हम सभी चुडा बनाने का काम करते है,और हमे खाने के लिए बहुत कम दिया जाता है और जहाँ हम काम करते है वहीँ सो जाते हैं। हमें इस फेक्ट्री में काम करते हुये चार माह हो गये हैं। मानव तस्करी विरोधी यूनिट द्वारा फेक्ट्री मालिक पर मुकदमा दर्ज करनें हेतु जवाहरनगर थाने को निवेदन किया गया है। सांय बाल मजदूरी से मुक्त करवाए गये बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करवाकर बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया और जब तक बच्चों के अभिभावक नही आ जाते बच्चों को किशोर गृह में प्रवेश के आदेश दिए गये।