श्री गंगानगर

राजस्थान में यहां कबूतर पीते हैं आरओ का पानी, कौवे खाते हैं खीर-पनीर

भले ही इंसान को दो जून की रोटी कमाने में पसीना बहाना पड़े, लेकिन श्रीगंगानगर के परिंदे इस मामले में खुशकिस्मत हैं। कबूतर यहां आरओ का पानी पीते हैं तो कौवे खीर-पनीर की दावत उड़ाते हैं।
2 min read
City of rajasthan where pigeons drink RO water, crows eat kheer-paneer

महेंद्र सिंह शेखावत/श्रीगंगानगर। भले ही इंसान को दो जून की रोटी कमाने में पसीना बहाना पड़े, लेकिन श्रीगंगानगर के परिंदे इस मामले में खुशकिस्मत हैं। कबूतर यहां आरओ का पानी पीते हैं तो कौवे खीर-पनीर की दावत उड़ाते हैं। कौवों की मेहमानों जैसी आवभगत बाकी जगह श्राद्ध पक्ष में जरूर होती है लेकिन यहां तो उनकी रोज ही मौज है। परिंदों की यह दावत शहर के सेवाभावी शख्स सोम खुराना की वजह से है। 61 वर्षीय खुराना परिंदों की सेवा करना अपना ध्येय मानते हैं। रोज सुबह पांच बजे उठना और परिंदों की सेवा की तैयारी में जुट जाना, उनकी दिनचर्या का हिस्सा है। पिछले 15 साल से सोम खुराना इस काम में जुटे हैं। उनके इस सेवा कार्य में उनका सहयोगी राकेश मदान भी साथ देते हैं।

कुंडियों की करते हैं नियमित सफाई
दिन की शुरुआत के साथ ही सबसे पहले अग्रसेन चौक व सुखाड़िया सर्कल पर रखी कुंडियों की नियमित सफाई के बाद उनमें कैंपर से आरओ का पानी डाला जाता है। सुखाड़िया सर्कल स्थित गोशाला की छत की सफाई की जाती है। इसके बाद कबूतरों के लिए बाजरा एवं कौवों के लिए नमकीन, बूंदी, लड्डू, चावल, खीर, दही, पनीर, लस्सी आदि परोसेते हैं। दिनभर में हजारों कबूतर आठ से दस क्विंटल बाजरा चट कर जाते हैं। यह बाजरा दानदाता उपलब्ध कराते हैं। बड़ी संख्या में यहां वाले कौवे भी चार से पांच क्विंटल भोजन खा जाते हैं। इस काम में सोम खुराना का यहां राजेन्द्र सिंघल सहयोग करते हैं।

शादी समारोह में बचे खाने का सदुपयोग
कौवों के लिए स्पेशल दावत का प्रबंध सोम खुराना होटलों, मैरिज पैलेसों एवं मिठाई की दुकान पर जाकर करते हैं। शादी समारोह या पार्टी में बचे हुए सामान को वह अपने स्तर पर गोशाला ले आते हैं और कौवों को खिलाते हैं। शहर के लोग भी बचा हुआ खाना देते हैं। कौवों की दावत से बची सामग्री को चींटियों के लिए छोड़ आते हैं।

Published on:
05 Jan 2024 04:12 pm