छांव के लिए लगेगी फाइबर सीट
श्रीगंगानगर.
नगर परिषद प्रशासन ने आखिरकार मिर्जेवाला रोड पर स्थित नंदीशाला में गोवंश की प्यास बुझाने के लिए पानी का कनेक्शन कराने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही वहां रखे जाने वाले पशुओं को धूप से बचाने के लिए अब फाइबर सीट का शैड बनाने काम शुरू करवाया है।
राजस्थान पत्रिका के सोमवार के अंक में प्रकाशित समाचार 'दमकल की गाड़ी बुझा रही है गोवंश की प्यास' से नगर परिषद प्रशासन हरकत में आया। परिषद के सचिव और कार्यवाहक आयुक्त लाजपतराय बिश्नोई ने बताया कि सोमवार को नंदीशाला का निरीक्षण किया गया। इस नंदीशाला में पशुओं को धूप से बचाने के लिए एक शैड की जरूरत थी, इसके लिए फाइबर शीट का शैड बनाने की प्रक्रिया शुरू करवाई है। इसके अलावा वहां पानी की व्यवस्था के लिए मिर्जेवाला गांव से पानी की पाइप से कनेक्शन कराया जाएगा। यह प्रक्रिया लंबी और पेचीदा होने से पानी कनेक्शन में देरी हो रही है। हालांकि वहां हैंडपंप की व्यवस्था कराने की कवायद भी शुरू कराई लेकिन खारा पानी होने के कारण यह योजना सिरे नहीं चढ़ पाई।
बिश्नोई ने बताया कि जलदाय विभाग के अधिकारियों से इस नंदीशाला में पानी कनेक्शन की प्रक्रिया के संबंध में अवगत कराया गया है, उम्मीद है कि यह कनेक्शन अब अगले कुछ दिनों में हो सकेगा। इसके अलावा सिंचाई विभाग से पानी की व्यवस्था के संबंध में पत्र लिखा गया है। इस मौके पर बिश्नोई के साथ नगर परिषद के एक्सईएन संदीप नागपाल, लेखा सहायक मदनलाल डूडी आदि मौजूद थे।
पानी की व्यवस्था पर फूंका हजारों रुपए का डीजल
नगर परिषद प्रशासन ने आनन-फानन में नंदीशाला का संचालन शुरू कर दिया लेकिन पानी कनेक्शन नहीं कराया। ऐसे में वहां दमकल की गाडिय़ों के माध्यम से नंदीशाला तक पानी पहुंचाने का विकल्प कराया था। रोजाना तीन गाडिय़ां अग्निशमन सेवा केन्द्र से नंदीशाला तक करीब 25 किमी परिवहन किया जा रहा है। इस प्रक्रिया से करीब एक साल में परिषद प्रशासन हजारों रुपए का बजट फूंक चुका है।