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श्रीगंगानगर: कागजों में मकान खड़े, फाइलों में सड़कें पूरी… और 58 लाख रुपए गायब !

सबसे बड़ा सवाल यह है कि पंचायत समिति और जिला स्तर के तकनीकी अधिकारियों ने समय रहते रिकॉर्ड, माप पुस्तिका और मौके की जांच क्यों नहीं की?

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श्रीगंगानगर । पंचायत समिति सूरतगढ़ की ग्राम पंचायत फरीदसर में विकास कार्यों के नाम पर हुए 57 लाख 98 हजार 451 रुपए के कथित वित्तीय खेल ने पूरे प्रशासनिक सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में सामने आया कि कई निर्माण कार्य धरातल पर पूरे नहीं हुए,लेकिन फाइलों में उन्हें पूर्ण दिखाकर भुगतान उठा लिया गया।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि पंचायत समिति और जिला स्तर के तकनीकी अधिकारियों ने समय रहते रिकॉर्ड,माप पुस्तिका और मौके की जांच क्यों नहीं की? विदित है कि इस प्रकरण की जांच जिला परिषद (ईजीएस) एक्सईएन रामेश्वर लाल बेनीवाल,सहायक अभियंता अभिनव भादू,अतिरिक्त विकास अधिकारी किशन लाल और सहायक विकास अधिकारी लेखराम लखोटिया की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की।

भुगतान बिना स्थल सत्यापन कर दिया

जिला परिषद की जांच समिति ने 21 निर्माण कार्यों में गंभीर अनियमितताएं पाई हैं। कहीं सडक़ अधूरी मिली, कहीं नालियां आधी बनी हुई थीं,तो कहीं पानी की खेली और श्मशान घाट की चारदीवारी केवल रिकॉर्ड में पूरी दर्शाई गई। इसके बावजूद संबंधित कार्यों का भुगतान जारी कर दिया गया। जांच रिपोर्ट के अनुसार 3 लाख 83 हजार 622 रुपए का भुगतान बिना स्थल सत्यापन कर दिया गया। कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र तक उपलब्ध नहीं मिला। इसके लिए तत्कालीन सरपंच व सरपंच-प्रशासक महावीर प्रसाद तथा ग्राम विकास अधिकारी रविकुमार बिश्नोई व तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी पंकज सैन को जिम्मेदार माना गया है।

मकान बना ही नहीं और भुगतान कर दिया

प्रधानमंत्री आवास योजना में भी बड़ा खेल सामने आया। गुरुबचन राम पुत्र गजनसिंह के नाम आवास स्वीकृत दिखाया गया,लेकिन मौके पर मकान ही नहीं मिला। संबंधित रिकॉर्ड भी अधूरे पाए गए। इस मामले में 75 हजार 900 रुपए की वसूली प्रस्तावित की गई है। सवाल यह उठ रहा है कि जब मकान बना ही नहीं तो भुगतान किस आधार पर स्वीकृत किया गया?जांच में यह भी सामने आया कि विभिन्न विकास कार्यों में 13 लाख 64 हजार 477 रुपए की अनियमितताएं तथा अन्य मदों में 44 लाख 33 हजार 974 रुपए का दुरुपयोग हुआ। वहीं इंद्रराज पुत्र मैनपाल को बिना सक्षम स्वीकृति के 2 लाख 21 हजार 855 रुपए का भुगतान कर दिया गया।

फरीदसर पंचायत गड़बड़ी

  • कुल वसूली योग्य राशि : 57.98 लाख रुपए
  • 21 निर्माण कार्यों में अनियमितता
  • बिना सत्यापन 3.83 लाख रुपए का भुगतान
  • पीएम आवास योजना में भी गड़बड़ी उजागर
  • कई कार्य अधूरे, रिकॉर्ड में पूर्ण दर्शाए
  • सीसी सडक़, नाली, खेली व चारदीवारी में खामियां
  • 2.21 लाख रुपए का भुगतान बिना स्वीकृति
  • सरपंच, ग्राम विकास अधिकारी सहित कई जिम्मेदार
  • तकनीकी अधिकारियों की निगरानी पर उठे सवाल
  • जांच समिति ने वसूली व कार्रवाई की अनुशंसा की

वर्जन

पंचायत समिति सूरतगढ़ की ग्राम पंचायत फरीदसर प्रकरण की जांच समिति की रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। जिन कार्यों में अनियमितताएं मिली हैं, उनमें संबंधित अधिकारियों और पक्षों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वसूली प्रक्रिया शुरू की जा रही है और अधूरे कार्य पूरे करवाए जाएंगे।

-गिरधर, सीईओ, जिला परिषद,श्रीगंगानगर

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