श्री गंगानगर

‘मरीज को मुश्किल से एक मिनट ही नहीं दे पाता डॉक्टर’

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‘मरीज को मुश्किल से एक मिनट ही नहीं दे पाता डॉक्टर’

विश्व स्वास्थ्य दिवस पर विशेष...

‘मरीज को मुश्किल से एक मिनट ही नहीं दे पाता डॉक्टर’

विशेषज्ञ डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ की कमी से खराब हुई अस्पतालों की ‘सेहत’

जिले की 17 सीएचसी, डिस्पेंसरी व जिला चिकित्सालय में 85 विशेषज्ञ डॉक्टर्स की कमी

पत्रिका एक्सक्लूसिव--

श्रीगंगानगर.राजकीय जिला चिकित्सालय की ओपीडी 2500 प्रतिदिन रहती है। इस स्थिति में अधिकांश ओपीडी में डॉक्टर मरीज को मुश्किल से एक मिनट ही नहीं दे पाता है। इतने कम समय में रोगियों की सेहत की जांच कैसे होती है इससे अंदाजा लगाया जा सकता है। नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टर की कमी से श्रीगंगानगर जिला चिकित्सालय ही नहीं गांवों के सीएचसी और पीएचसी पर भी ऐसे ही हालात हैं। जिले में 17 सीएचसी और एक जिला चिकित्सालय व डिस्पेंसरी में विशेषज्ञ डॉक्टर के 85 पद रिक्त हैं। महिला विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ, निश्चेतन विशेषज्ञ, सर्जन, आई विशेषज्ञ व मानसिक रोग विशेषज्ञ सहित कई अन्य विभागों से संबंधित विशेषज्ञ डॉक्टर की लंबे समय से कमी चल रही है। जिले में दो ही मनासिक रोग विशेषज्ञ डॉक्टर हैं और ईएनटी का तो जिले में एक ही डॉक्टर है। इस कारण रोगियों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं।

अधिकांश रोगी किए जाते हैं रेफर

हालांकि पीएचसी पर मेडिकल ऑफिसर हैं लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टर का अभाव है। इस कारण पीएचसी व सीएचसी से डॉक्टर व मेडिकल प्रभारी गंभीर व सामान्य रोगियों को सीधे जिला चिकित्सालय में रेफर कर देते हैं। जिला चिकित्सालय में महिला रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशषज्ञ व सर्जरी सहित कई अन्य विशेषज्ञ डॉक्टर की पहले से ही कमी बनी हुई है। नर्स श्रेणी प्रथम के 27, नर्स श्रेणी द्वितीय के 57 और एएनएम के 62 और एलएचवी के 32 पद लंबे समय से रिक्त हंै। इससे ग्रामीण अंचल में चिकित्सा सुविधाएं गड़बड़ा जाती हंै।

अब नई सरकार से उम्मीद
हालांकि राज्य में पहले भाजपा की सरकार थी और अब कांग्रेस की सरकार है। इलाके की जनता को उम्मीद है कि अब जिले में गुणवत्ता की चिकित्सा सुविधाएं रोगियों को मिलेंगी। लेकिन इस बीच नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टर की कमी बड़ी बाधा बनी हुई है।

किस विधानसभा में डॉक्टर व ओपीडी की क्या है स्थिति

गंगानगर विधानसभा
1. विधानसभा क्षेत्र में चिकित्सा विभाग के अधीन अस्पताल-17

2. क्षेत्र में डॉक्टरों और विशेषज्ञ डॉक्टरों के रिक्त पद-23

3. डॉक्टरों के स्वीकृत पद-1044. क्षेत्र के सभी सरकारी अस्पतालों में रोजाना रोगियों की औसत ओपीडी -3900
अनूपगढ़ विधानसभा

1. विधानसभा क्षेत्र में चिकित्सा विभाग के अधीन अस्पताल हैं -11

2. क्षेत्र में डॉक्टरों और विशेषज्ञ डॉक्टरों के रिक्त पद-10
3. डॉक्टरों के स्वीकृत पद -344. क्षेत्र के सभी सरकारी अस्पतालों में रोजाना रोगियों की औसत ओपीडी - 2010

श्रीकरणपुर विधानसभा1. विधानसभा क्षेत्र में चिकित्सा विभाग के अधीन अस्पताल हैं - 17

2. क्षेत्र में डॉक्टरों और विशेषज्ञ डॉक्टरों के रिक्त पद - 14

3. क्षेत्र में डॉक्टरों के स्वीकृत पद - 29
4. विधानसभा क्षेत्र के सभी सरकारी अस्पतालों में रोजाना रोगियों की औसत ओपीडी- 1500

रायसिंहनगर विधानसभा
1. विधानसभा क्षेत्र में चिकित्सा विभाग के अधीन अस्पताल हैं-13

2. क्षेत्र में डॉक्टरों और विशेषज्ञ डॉक्टरों के रिक्त पद -16

3. क्षेत्र में डॉक्टरों के स्वीकृत पद -334. विधानसभा क्षेत्र के सभी सरकारी अस्पतालों में रोजाना रोगियों की औसत ओपीडी - 900
सादुलशहर विधानसभा

1. विधानसभा क्षेत्र में चिकित्सा विभाग के अधीन अस्पताल हैं -18

2. क्षेत्र में डॉक्टरों और विशेषज्ञ डॉक्टरों के रिक्त पद -83. क्षेत्र में डॉक्टरों के स्वीकृत पद -32
4. विधानसभा क्षेत्र के सभी सरकारी अस्पतालों में रोजाना रोगियों की औसत ओपीडी - 1150

सूरतगढ़ विधानसभा

1. विधानसभा क्षेत्र में चिकित्सा विभाग के अधीन अस्पताल हैं-132. क्षेत्र में डॉक्टरों और विशेषज्ञ डॉक्टरों के रिक्त पद -14
3. क्षेत्र में डॉक्टरों के स्वीकृत पद -33

4. विधानसभा क्षेत्र के सभी सरकारी अस्पतालों में रोजाना रोगियों की औसत ओपीडी - 2900

फैक्ट फाइल

-जिले में पीएचसी-54-जिले में सीएचसी-17
-जिले में डिस्पेंसरी-04

-जिला चिकित्सालय-01

जिले में ये है डॉक्टर की स्थिति-
जिले में डॉक्टर के पद स्वीकृत-265

-जिले में कार्यरत डॉक्टर-180

-जिले में डॉक्टर के पद रिक्त-85
जिले में नर्सिंग स्टाफ सहित अन्य पदों की स्थिति

जिले में नर्सिंग सहित अन्य पद स्वीकृत-1602
-जिले में नर्सिंग सहित अन्य पद पर कार्यरत-997

-जिले में नर्सिंग सहित रिक्त पद-605

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जिले में डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ की कमी है। चिकित्सा विभाग के पास जितने संसाधन हैं। इससे बेहतर कार्य करने की कोशिश की जा रही है।

-डॉ. नरेश बंसल, सीएमएचओ, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, श्रीगंगानगर।

Updated on:
08 Apr 2019 11:23 am
Published on:
08 Apr 2019 11:23 am