
श्रीगंगागनर.
अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ (अरिस्दा) और राज्य सरकार के बीच समझौता होने के बाद गुरुवार को चिकित्सक काम पर लौटे।इसके साथ ही शहर के राजकीय जिला चिकित्सालय सहित जिले के विभिन्न प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में रोगी लौट आए। अब तक सूने दिखने वाले चिकित्सालय के गलियारों में गुरुवार को रोगी नजर आए। सभी ओपीडी में जहां कतारें लगी थी वहीं दवा वितरण केंद्रों और जांच केंद्रों के आसपास भी बड़ी संख्या में रोगी और उनके परिजन मौजूद थे।
ओपीडी में उपलब्ध रहे चिकित्सक
इस दौरान दंत रोग विभाग, चर्म और रति रोगी, सर्जरी, नेत्ररोग विभाग, अस्थि रोग विभाग, मेडिसिन विभाग सहित अन्य विभागों में चिकित्सक उपलब्ध रहे। निर्धारित समय के दौरान पंजीकरण काउंटर से आने वाले सभी रोगियों की चिकित्सकों ने जांच की तथा उन्हें दवाएं दीं। इसके साथ ही दवा वितरण केंद्रों पर भी कई दिन के बाद कतारें नजर आई। इन लोगों को उपलब्ध दवाएं नि:शुल्क दी गई।
जांच के लिए पहुंचे रोगी
आउटडोर में डॉक्टर पहुंचने के साथ ही अब जांचों के लिए भी रोगी पहुंचने लगे हैं। राज्य सरकार की ओर से निर्धारित नि:शुल्क जांचें करवाने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे वहीं एक्स-रे और अन्य जांचों के लिए रोगियों की संख्या बढ़ी। एक्स-रे विभाग में कार्यरत कर्मचारियों ने बताया कि हालांकि अब भी रोगियों के पहुंचने की गति धीमी है लेकिन हड़ताल के दिनों के मुकाबले संख्या बढ़ी है।
चिकित्सकों ने मनाई खुशी
इस बीच राज्य सरकार के चिकित्सकों की मांगें मान लाने के बाद शहर के राजकीय जिला चिकित्सालय में कार्यरत चिकित्सकों ने खुशी मनाई। अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ के जिलाध्यक्ष डॉ.पवन सैनी ने बताया कि राजकीय जिला चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में आयोजन हुआ। इसमें चिकित्सकों ने इसे संघर्ष की जीत बताया। जिलाध्यक्ष डॉ.सैनी ने इस दौरान सहयोग करने वाले समस्त लोगों का आभार जताया। उनका कहना था कि सभी के सहयोग के कारण ही आंदोलन को सफलता मिली । कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.नरेश बंसल, अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (परिवार कल्याण) डॉ.मुकेश मेहता और राजकीय जिला चिकित्सालय में उप नियंत्रक डॉ.प्रेम बजाज सहित कई लोग मौजूद थे।