
श्रीकरणपुर.
करीब पौने दो माह पहले क्षेत्र के प्रसिद्ध दुर्गा मंदिर में चोरी का पुलिस ने गुरुवार शाम पर्दाफाश किया। मामले में पकड़े गए तीनों आरोपित नेपाल निवासी हैं। मुख्य आरोपित चोरी व डकैती आदि से जुड़ा एक अन्तर्राष्ट्रीय गैंग चलाता है। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए आरोपितों को रिमांड पर लेकर और पूछताछ की जाएगी। इससे चोरी के अन्य मामले खुलने की संभावना है। उधर, एसपी हरेन्द्र महावर ने अतिरिक्त एसपी भरत राज, डीएसपी सुनील पंवार, थानाधिकारी विजय मीणा व एसआई सुरेन्द्र राणा सहित पूरी जांच टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
सत्तर फीसदी माल बरामद
पुलिस उपाधीक्षक सुनील पंवार ने गुरुवार शाम छह बजे पुलिस थाना में प्रेस वार्ता में बताया कि मामले में नेपाल निवासी मुख्य आरोपित कमल बीका उर्फ छछरिया (33) पुत्र डोडे बहादुर निवासी सोलटा नेपाल व उसके दो साथियों मान बहादुर (34) पुत्र शहबीर जाति सुनार निवासी लमकी चूहा नेपाल व चक बहादुर (41) पुत्र जयरूप जाति कार्कि निवासी तिलकपूर केलाली नेपाल को गिरफ्तार किया गया है। वहीं इनसे चोरी का करीब 70 फीसदी माल भी बरामद कर लिया गया है। अन्तर्राष्ट्रीय गैंग चलाता है कमल बीका डीएसपी पंवार ने बताया कि मुख्य आरोपित कमल बीका ने चोरी डकैती करने के लिए अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का एक गिरोह बना रखा है।
और नेपाल से युवकों को साथ लेकर चोरी करता है। डीएसपी ने बताया कि उसने यहां भी ऐसा ही किया और चोरी करने के बाद नेपाल व बाद में कई अन्य जगहों पर छिपता रहा लेकिन पुलिस ने कड़ी मशक्कत कर उसे गिरफ्तार कर लिया। डीएसपी ने बताया कि एसआई सुरेन्द्र राणा के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन कर पुलिस को नेपाल भेजा गया। वहां से संदिग्धों का सुराग हाथ लगने पर पुलिस ने राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उड़ीसा, महाराष्ट्र आदि राज्यों में दबिश देकर दो अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी हुई। बाद में उनकी निशानदेही पर मुख्य आरोपित भी पकड़ में आ गया।
यह था मामला
थानाधिकारी विजय मीणा ने बताया कि दुर्गा मंदिर में चोरी होने पर 8 जनवरी 2017 की मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष कृष्णलाल सिंगला ने रिपोर्ट दी थी। इसमें बताया गया कि अज्ञात चोरों ने मंदिर में मां दुर्गा की प्रतिमा पर पहने सोने चांदी के गहने चोरी कर लिए। सीसीटीवी खंगालने पर पुलिस को 2.27 बजे से 2.41 बजे के मध्य मंदिर के ताले तोडकऱ चोरी की घटना का खुलासा हुआ। मामले में पुलिस ने मंदिर के नेपाली चौकीदार को गिरफ्तार कर पूछताछ की। इसमें चौकीदार ने उस रात में नेपाल निवासी व उसके पूर्व परीचित कमल बीका नामक व्यक्ति के वहां ठहरने की बात स्वीकारी। चौकीदार ने यह भी बताया था कि रात को दो बजे वह उसे छोडऩे रेलवे स्टेशन पर गया था। हालांकि गाड़ी का समय तीन बजे है। इस प्रकार पुलिस की शक की सुई शुरू से ही कमल पर अटकी थी।