सनातन धर्म महावीर दल मंदिर की ओर से इस बार सेक्टर 17 में दशहरा उत्सव का आयोजन किया जाएगा। इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई है।
श्रीगंगानगर.
सनातन धर्म महावीर दल मंदिर की ओर से इस बार सेक्टर 17 में दशहरा उत्सव का आयोजन किया जाएगा। इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई है।महंगाई बढऩे के कारण रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों पर एक लाख रुपए अधिक खर्च हुए हैं। आयोजन के लिए रामलीला मैदान नहीं मिलने से नई जगह की व्यवस्था करनी पड़ी जिस पर 3 से 4 लाख रुपए खर्च आया।
महावीर दल मंदिर में बुधवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए अध्यक्ष श्रीकृष्ण लीला ने बताया कि उनकी संस्था शहर में पिछले 67 वर्ष से दशहरा उत्सव का आयोजन कर रही है।बुजुर्गों की ओर से शुरू की गई यह परम्परा जारी रखी जाएगी। नई जगह सेक्टर 17 में काफी खुली जगह है जिससे ग्रामीण क्षेत्र के दर्शक भी दशहरा उत्सव का आनंद उठा सकेंगे। उन्होंने किसी से नाराजगी या मनमुटाव से साफ इनकार कर दिया। शहर में दूसरी बार दो दशहरा का आयोजन हो रहा है। इससे पहले 2003 में रामलीला मैदान के साथ-साथ एसडी कॉलेज प्रांगण में दशहरा उत्सव मनाया गया था। उन्होंने बताया कि संस्था जन्माष्टमी , गणगौर , दीपावली स्नेह मिलन, होली-दिवाली अन्नकूट और राधाष्टमी पूर्व की भांति मनाती रहेगी।
मंत्री रामगोपाल पांडुसरिया ने बताया कि भगवान श्रीराम और लंकापति रावण की सवारी रथ पर सवार होकर बैंड बाजों के साथ दोपहर एक बजे महावीर दल मंदिर से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए आयोजन स्थल सेक्टर-17 पर पहुंचेगी। वहां राम और रावण दल में युद्ध होगा। हनुमान जी लंका दहन करेंगे। रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाएगा।
पुतलों की आंख से बरसेंगे अंगारे
इस बार 70 फीट का रावण, 65 फीट का कुंभकर्ण और 60 फीट का मेघनाद का पुतला तैयार किया गया है। अग्निबाण लगते ही रावण की आंखों से अंगारे बरसेंगे और कुंभकर्ण अट्टहास करेगा। जो दर्शकों के लिए कौतूहल पैदा करेंगे। इस मौके पर रंगारंग कार्यक्रम के लिए नकोदर (पंजाब) से भंगड़ा ग्रुप बुलाया गया है।
दर्शकों के लिए उपहार
दशहरा उत्सव देखने आने वाले दर्शकों के लिए लक्की ड्रा के माध्यम से उपहार जीतने का मौका होगा। लक्की ड्रा के माध्यम से 300 भाग्यशाली विजेताओं को ये पुरस्कार मिलेंगे। पहले सौ विजेताओं को चांदी की मूर्तियां और 200 को अन्य पुरस्कार दिए जाएंगे।