
श्रीगंगानगर. जिले के एक विश्वविद्यालय में बिना अनुमति परीक्षा कराने का मामला सामने आया है। महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर भागीरथ सिंह ने कहा है कि विश्वविद्यालय से संबद्ध आठ कॉलेज 10 साल से बिना अनुमति परीक्षा करवा रहे थे। उन्होंने जांच कर उन्हें निरस्त किया। बहाल करने के लिए नेताओं से दबाव भी डलवाया लेकिन उन्होंने नियमविरुद्ध काम करने से मना कर दिया। वे गुरुवार को एमडी कॉलेज का नाम बदलकर डीएवी कॉलेज करने के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए श्रीगंगानगर आए हुए थे। कुलपति ने कहा कि विश्व विद्यालय में कॉपी जांच की प्रक्रिया सही नहीं मिली। विद्यार्थी को जहां 50 नंबर आने चाहिए थे वहां 30 नंबर आ रहे हैं। इस पर 2017 में 92 व्याख्याताओं को कॉपी जांच करने पर एक साल के लिए रोक लगाई गई। दूसरे साल इसकी फिर जांच कर 162 व्याख्याताओं को पाबंद किया गया। इसके बाद इन व्याख्याताओं के नाम ऑनलाइन किए गए। अब कॉपी जांचने के लिए योग्य व अनुभवी व्याख्याताओं की ड्यूटी लगाई जा रही है। विश्व विद्यालय को बनाया जाएगा मॉडल--कुलपति ने कहा कि विश्व विद्यालय में शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता बढ़ाने के लिए अच्छा पाठ्यक्रम को लागू किया जा रहा है। इसके लिए काफी बदलाव किए जा रहे हैं। इस विश्व विद्यालय को मॉडल विश्व विद्यालय बनाया जा रहा है। इसके लिए महाराष्ट्र,गुजरात,हरियाणा,मध्यप्रदेश सहित कई विश्व विद्यालयों में महाराजा गंगासिंह विश्व विद्यालय की टीम गई हुई है।