जिला कलक्टर ज्ञानाराम ने कहा है कि ग्रामीण क्षेत्र में गैर आबाद एरिया में जो गांव व चक बसे हुए हैं
श्रीगंगानगर.
जिला कलक्टर ज्ञानाराम ने कहा है कि ग्रामीण क्षेत्र में गैर आबाद एरिया में जो गांव व चक बसे हुए हैं, उन्हें आबाद घोषित करने के लिए नये निर्देशों के अनुसार लम्बित प्रकरणों का निस्तारण करना होगा। जिला कलक्टर शनिवार को कलेक्ट्रेट सभा हॉल में राजस्व अधिकारियों की बैठक में निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि बहुत से क्षेत्र में ऐसे गांव व चक कई वर्षों से निवास कर रहे हैं, लेकिन वे आबादी भूमि में नहीं हैं। इस कार्य के लिये संबंधित विकास अधिकारी प्रोएक्टिव होकर इन प्रकरणों का निपटारा करवाएं।
साथ ही पंचायत व विकास अधिकारी उन परिवारों की पात्रता का निर्धारण करेंगे। बैठक में बताया गया कि विजयनगर क्षेत्र में 17, अनूपगढ़ क्षेत्र में 16, घड़साना में 5, श्रीगंगानगर में 2 तथा पदमपुर क्षेत्र में 2 ऐसे आबादी क्षेत्र हंै, जहां सिवाय चक में लोग बसे हुए हैं, उन्हें पात्रता के आधार पर व नये नियमों के अनुसार आबादी में परिवर्तन करना है।
जिला कलक्टर ने श्रमिक पंजीयन योजना में ऑनलाइन लाभार्थियों को राशि हस्तांतरित करने व विधवा पेंशन संबंधी योजनाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि बहुत से क्षेत्र में ऐसे गांव व चक कई वर्षों से निवास कर रहे हैं, लेकिन वे आबादी भूमि में नहीं हैं। इस कार्य के लिये संबंधित विकास अधिकारी प्रोएक्टिव होकर इन प्रकरणों का निपटारा करवाएं।
जिला कलक्टर ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा में किसी भी अधिशाषी अधिकारी, बीडीओ, एसडीएम स्तर पर कोई प्रकरण लम्बित नहीं रहना चाहिए। जो नागरिक पात्र है, उसकी सुनें तथा उसे तत्काल लाभ दें।जिला कलक्टर ने रायसिंहनगर, सूरतगढ़ व सादुलशहर एसडीएम के पास अधिक प्रकरण लम्बित होने पर उन्हें कारण बताओं नोटिस देने के निर्देश दिये। बैठक में एडीएम सतर्कता वीरेन्द्र कुमार वर्मा, एडीएम सूरतगढ़, मुख्य कार्यकारी अधिकारी विश्राम मीणा, एसडीएम यशपाल आहुजा, सहायक निदेशक बी.पी.चंदेल सहित जिले के उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार व विकास अधिकारी उपस्थित थे।