
श्रीगंगानगर.
सरसों एवं चना की सरकारी खरीद के मामले में गुस्साए किसानों ने गुरुवार को कुछ देर नई धानमंडी का दो नम्बर मुख्य दरवाजा बंद कर दिया। किसान नेता अमरसिंह बिश्नोई के नेतृत्व में इन्होंने नारेबाजी भी की। किसानों का कहना था कि उन्हें सरसों, चना के पंजीयन के बाद टोकन मिला और निर्धारित दिन माल बेचने आए हैं फिर भी खरीदने से इन्कार किया जा रहा है।
जानकारी मिलने पर पूर्व विधायक हेतराम बेनीवाल ने जिला कलक्टर ज्ञानाराम से बात की और उसके बाद खरीद केंद्र संचालित करने वाली श्रीगंगानगर क्रय-विक्रय सहकारी समिति किसानों का माल खरीदने को तैयार हुई।
बिश्नोई ने बताया कि रमेश कुमार, गुरबचन सिंह, इकबाल सिंह, कुलदीप, रामप्रताप, द्वारकाप्रसाद, रूपसिंह, प्रदीप कुमार, जसबीर सिंह, दिनेश कुमार, हरचंद सिंह, दर्शनसिंह एवं तरसेम सिंह के नाम टोकन जारी थे। इन किसानों को खरीद केंद्र पर माल लेने से मना किया गया। पता चलने पर कई अन्य किसान भी इक_ा हो गए और रोष जताया।
दूसरी तरफ, खरीद एजेंसी राजफैड के अनुसार निर्धारित दिन माल लाने वाले किसानों से खरीद की जा रही है, जो किसान विलम्ब से सरसों-चना लाए हैं, उन्हीं को इन्कार किया जाता है। एजेंसी के मुताबिक सरसों की खरीद 24 जून और चना की खरीद 30 जून तक की जाएगी।
भुगतान का इन्तजार जारी
काफी किसानों को सरकार को तुलाए गए सरसों एवं चना का भुगतान अभी तक नहीं मिला है। राजफैड के अनुसार जिन्होंने 15 मई तक माल तुलाया है, उनके बैंक खाते में सीधी राशि डाली जा चुकी है। शेष रहे किसानों का भुगतान करने की प्रकिया जारी है। श्रीगंगानगर एवं हनुमानगढ़ जिले से सरकार 14 लाख 64 हजार क्विंटल से अधिक सरसों तथा 9 लाख 38 हजार क्विंटल से अधिक चना अभी तक खरीद चुकी है।
श्रीगंगानगर जिले में इतने किसान लाभान्वित
सरसों-36052
चना-27628