विभिन्न किसान संगठनों द्वारा 1 से 10 जून तक गांव बंद आंदोलन के तहत रविवार को तीसरे दिन किसानो ने दुघ व सब्जी की सप्लाई को बाधित किया।
अनूपगढ़.
विभिन्न किसान संगठनों द्वारा 1 से 10 जून तक गांव बंद आंदोलन के तहत रविवार को तीसरे दिन किसानो ने दुघ व सब्जी की सप्लाई को बाधित किया। किसानों ने लगातार तीसरे दिन शहर के अंदर आने वाले हर साधन को रुकवा उसकी तलाशी ली जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि आंदोलन को देखते हुए शहर के मुख्य चौराहों पर पुलिस की व्यवस्था होनी चाहिए लेकिन पुलिस प्रशासन कोई कार्रवाई नही कर रहा है।इसके अलावा किसानों ने शहर के बाहर सभी चौराहों पर अपने निर्धारित किए गए भावों पर दूध बेचा।दूध सप्लाई को रोकने के लिए लगाए गए नाकों पर लगभग 200 लीटर दूध जब्त कर गरीबों में भी बांटा गया।इसके अलावा शहर में हरा चारा ला रहे व्यापारियों को रोककर, हराचारा आवारा पशुओं को खिला दिया।
जिस पर व्यापारी तथा किसानों में हल्की कहा सुनी भी हुई।हरा चारा व्यापारियों ने कहा कि आंदोलनकारियों द्वारा लगभग 20000 के हरे चारे का नुकसान कर दिया गया है,इनका जिम्मेदार कौन है।उन्होने विरोध व्यक्त करते हुए उपखण्ड़ अधिकारी को शिकायत कर कार्रवाई करवाने की चुतावनी दी।इससे पूर्व गत दिवस रात को आंदोलनकारियों ने थोक सब्जी मंडी के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया।
आज रविवार को सब्जी की बोली नही होने के कारण सब्जी की रेहडिय़ां भी बहुत कम लगी।जिससे सब्जी रेहड़ी वालों की रोजी रोटी पर संकट आ गया। दुसरी तरफ चौराहे पर आंदोलन स्थालों पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए किसी भी चौराहे पर कोई भी पुलिस कर्मी दिखाई नहीं दिया। हालांकि प्रशिक्षु आईपीएस राजेश मीणा ने बताया कि पुलिस गश्त को बढा दिया गया है। मोटर साइकिल पर 2 पुलिसकर्मी सभी चौराहोंद पर गश्त कर रहे हैं।
सब्जी लेनी है तो लाओ आधार
सरकार द्वारा गेंहू तथा सरसों सहित अन्य कृषि जिंसों की सरकारी खरीद के लिए सरकार द्वारा कागजी कार्रवाई बढ़ाने से रुष्ट किसानों ने सब्जी लेने आए एक राजकीय सेवा में कार्यरत व्यक्ति को सब्जी तथा दूध लेने के लिए आधार कार्ड दिखाने को कहा,हालांकि किसानों ने बाद में उक्त व्यक्ति को दूध दे किया।