
हनुमानगढ़ ।सहकारी स्पिनिंग मिल में तालाबंदी से श्रमिकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। मिल में उत्पादन शुरू करने की मंाग को लेकर गुरुवार को श्रमिकों ने कलक्ट्रेट के सामने जमकर प्रदर्शन किया। श्रमिकों के इस तीखे तेवर ने जिला प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। इसका प्रमाण था कि एसडीएम राकेश कुमार ने धरना स्थल पहुंच श्रमिकों का ज्ञापन लिया। कलक्ट्रेट गेट पर दो थानों के प्रभारी, डीएसपी, तहसीलदार व नायब तहसीलदार सहित दर्जनों पुलिस के जवान मौजूद रहे।
इस दौरान महिलाओं के थाली बजाओ आंदोलन का डर प्रशासन के चेहरे पर साफ नजर आ रहा था। धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि श्रमिकों के पेट की आग बुझाने को जिला प्रशासन गंभीर नहीं है। प्रशासन पर आंदोलन को दबाने का आरोप लगाकर कहा कि इसे शहरवासी किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे।
श्रमिक परिवार व विभिन्न संगठनों की महिला प्रतिनिधियों की ओर से कलक्ट्रेट में थाली बजाओ प्रदर्शन करने पर तहसीलदार की ओर से मामला दर्ज करवाने का विरोध कर सभी वक्ताओं ने प्रशासन को होश में लाने की बात कही।
माकपा नेता रामेश्वर वर्मा ने कहा कि मिल में तालाबंदी को करीब डेढ़ माह हो गए हैं। लेकिन जिला प्रशासन ताला खुवालने को लेकर गंभीर नहीं हो रहा है। महज चंद कागज के टुकड़े सरकार को भिजवाने की बात कह कर प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों से बचने का प्रयास कर रहा है। लेकिन शहर की जनता सबकुछ समझती है।
और मिल का ताला खुलवाने के लिए भविष्य में और भी बड़ा आंदोलन कर सकती है। इंटक नेता महावीर सिंह राठौड़ ने कहा कि कलक्टर चैंबर के बाहर महिलाओं के प्रदर्शन ने श्रमिकों
को संघर्ष की ताकत दी है।
इसके लिए मिल बचाओ संघर्ष समिति के सदस्य महिलाओं के ऋणी रहेंगे। आगे कहा कि तहसीलदार ने केवल 12 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है, लेकिन वह यह भूल गए कि, मिल बचाने के आंदोलन में पूरा शहर श्रमिकों के साथ है। श्रमिक नेता नसीब खान ने कहा कि थाली बजाकर प्रदर्शन करने वाली महिलाओं के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया लेकिन शहर में आपराधिक वारदातों को अंजाम देने वालों के खिलाफ पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही।
पीलीबंगा पंचायत समिति की पूर्व उप प्रधान कमला मेघवाल ने पुलिस और प्रशासन को चेताया और कहा कि महिलाएं मुकदमों से नहीं डरने वाली। साथ ही कहा कि जितनी तत्परता पुलिस व जिला प्रशासन ने महिलाओं के खिलाफ मामला दर्ज करवाने में दिखाई है, उतनी तत्परता यदि मिल को शुरू करवाने मेें दिखाती तो शायद आज तक तालाबंदी समाप्त हो गई होती। सीटू नेता भागीरथ डूडी ने कहा कि सरकार और प्रशासन ने मिल में ताला लगाकर श्रमिकों को लावारिस बना दिया है। बीएमएस के शिव कुमार शर्मा, माकपा नेता रघुवीर वर्मा, बहादुर सिंह चौहान, मलकीत सिंह, बीएस पेंटर, जनवादी महिला समिति अध्यक्ष चंद्रकला वर्मा, सर्वजीत कौर, आशा वर्मा सहित श्रमिक नेता मौजूद थे।