firozpur feeder: राजस्थान में बंदी के दौरान गंगनहर में पानी की वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर उठे सवालों पर पंजाब कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे रहा है, जिससे असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
श्रीगंगानगर। फिरोजपुर फीडर में प्रस्तावित बंदी को लेकर पंजाब की ओर से अब तक खामोशी बनी हुई है। राजस्थान में बंदी के दौरान गंगनहर में पानी की वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर उठे सवालों पर पंजाब कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे रहा है, जिससे पूरे मामले में असमंजस की स्थिति बन गई है।
पंजाब जनवरी माह में फिरोजपुर फीडर की बंदी लेने का इच्छुक है और इस संबंध में प्रस्ताव भी भेज चुका है। हालांकि राजस्थान जल संसाधन विभाग ने गंगनहर में पानी की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित किए बिना बंदी के प्रस्ताव को मंजूरी देने से इनकार कर दिया। इसके बाद से पंजाब जल संसाधन विभाग के अधिकारी मौन साधे हुए हैं।
फिरोजपुर फीडर बंदी को लेकर हाल ही में ग्रामीण किसान मजदूर समिति की सादुलशहर विधायक गुरवीर सिंह बराड़ के साथ बैठक हुई थी। बैठक में समिति की ओर से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें बंदी के दौरान गंगनहर के लिए वैकल्पिक जल व्यवस्था की मांग प्रमुख रूप से रखी गई। इस मांग को लेकर विधायक जयपुर में वार्ता के लिए गए, लेकिन पंजाब की ओर से जवाब नहीं आने के कारण बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी।
विधायक गुरवीर सिंह बराड़ ने बताया कि पंजाब फिरोजपुर फीडर के साथ-साथ इंदिरा गांधी नहर के पंजाब क्षेत्र में शेष लाइनिंग कार्य भी एक साथ कराना चाहता है। दोनों कार्यों का ठेका एक ही ठेकेदार को दिया गया है, इसी कारण जनवरी में बंदी लेने की योजना बनाई गई। हालांकि राजस्थान जल संसाधन विभाग ने गंगनहर में वैकल्पिक जल व्यवस्था सुनिश्चित होने से पहले बंदी को स्वीकृति देने से इनकार किया है, जिसके बाद पंजाब की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।