
पदमपुर.
यहां बस अड्डे के रेहड़ी संचालक व रोडवेज बस कर्मियों ने शुक्रवार को संयुक्त रूप से नगर पालिका कार्यालय का घेराव कर धरना दिया। दोपहर दो बजे तक अधिशासी अधिकारी व पालिका अध्यक्ष अपने ऑफिस में बैठे रहे और धरने पर बैठे लोगों से बात तक नहीं की। तहसीलदार संजय अग्रवाल ने शिष्टमण्डल से वार्ता करवाने की बात रखी । इसके बाद तहसीलदार संजय अग्रवाल, थानाधिकारी रामेश्वरलाल बिश्नोई, नगर पालिका अध्यक्ष सुनील कुमार हांडा, नगर पालिका ईओ देवेंद्र शर्मा के साथ रेहड़ी संचालकों व रोडवेज कर्मियों की वार्ता भी हुई पर रेहड़ी व बस के रेट को लेकर वार्ता सफल नहीं हुई।
रेहड़ी संचालकों ने एक ही रट पकड़ी हुई है कि वे 10 रुपए प्रतिदिन से ज्यादा रेहड़ी लगाने का किराया देने को राजी नहीं हैं। नगरपालिका अध्यक्ष सुनील कुमार हांडा 20 रुपए पर अड़े रहे। इसी जिद के चलते वार्ता असफल रही। मौके पर थानाधिकारी रामेश्वरलाल बिश्नोई ने रेहड़ी संचालकों को 40 से 20 रुपए करवाने के लिए समझाइश की पर रेहड़ी संचालक 10 रुपए से आगे नहीं बढ़े।
मामले की जानकारी पाकर पूर्व राज्य मंत्री गुरमीतसिंह कुन्नर भी धरना स्थल पर पहुंच गए। उन्होंने नगरपालिका प्रशासन की निंदा की और कहा कि ऐसे कौनसे अच्छे दिन हैं जो बस अड्डे पर दो किलो नमकीन दाल बेचने वाले से भी 40 रुपए लिए जा रहे हैं।
थानाधिकारी रामेश्वरलाल की टीम व तहसीदार संजय अग्रवाल ने नगरपालिका परिसर में धरने पर बैठे रेहड़ी संचालकों व बस कर्मियों को परिसर से बाहर निकाल दिया। इस पर रेहड़ी व बस कर्मियों ने नगरपालिका गेट आगे धरना लगा दिया। रेहड़ी संचालकों का आरोप है कि तीन दिन पूर्व पालिका सहित उच्चाधिकारियों को नोटिस देने के बावजूद उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई है।
अब रेहड़ी संचालकों ने शनिवार को सुबह नौ बजे बस अड्डे पर इकट्ठे होकर नगरपालिका के ठेकेदार की अवैध वसूली को लेकर रणनीति बनाई जाएगी।