
-गुरु गोबिंदसिंह के प्रकाशोत्सव के उपलक्ष्य में गुरुद्वारा सिंह सभा में कार्यक्रम
श्रीगंगानगर.
गुरु ? गोबिंदसिंह ने धर्म के लिए हमेशा बलिदान किए। उन्होंने परिवार से ऊपर सदैव धर्म को रखा और उसके लिए परिवार जनों को बलिदान करने में भी नहीं झिझके।उनके दिए बलिदान के कारण ही धर्म की रक्षा हो सकी। शहर के गुरुद्वारा श्री गुरुसिंह सभा में सोमवार को वक्ताओं ने कुछ इन्हीं शब्दों में अपनी बात कही । मौका था गुरु गोबिंदसिंह के प्रकाशोत्सव के उपलक्ष्य में गुरुद्वारा परिसर में हुए आयोजन का। इसमें दमदमी टकसाल संगरावा (पंजाब) के बाबा रामसिंह ने गुरु गोबिंद सिंह के धर्म के लिए किए बलिदान की जानकारी दी।
इससे पूर्व गुरुद्वारा पसिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का क्रम शुरू हो गया। कुछ श्रद्धालुओं ने शबद कीर्तन श्रवण करने में समय बिताया तो कुछ अन्य लंगर और अन्य व्यवस्थाएं संभालने में जुट गए।अखंड पाठ के भाग के साथ ही यहां धार्मिक आयोजन की शुरुआत हुई। हजूरी रागी भाई गोपाल सिंह ने शबदों के माध्यम से गुरु की महिमा गाई। पूरे दिन गुरुद्वारा परिसर में गुरु महिमा का गान गूंजा।
श्रद्धालुओं ने छका प्रसादा
जहां एक ओर गुरुद्वारा परिसर में धार्मिक आयोजन चल रहा था वहीं श्रद्धालुओं के लिए लंगर की व्यवस्था भी यहां की गई थी। परिसर में श्रद्धालुओं ने कतार में बैठकर प्रसादा छका। बड़ी संख्या में श्रद्धालु आयोजन में शामिल हुए। सेवादारों का उत्साह भी देखते ही बनता था। जहां सेवादार प्रसादा बनाने को लेकर उत्साहित थे, वहीं जिन सेवादारों को वितरण का दायित्व दिया गया था, उनका उत्साह भी देखते ही बनता था।