पुराने भवन में बैठना समझो मौत का बुलावा। भवन के छत से बारिश के समय पानी टपकता रहता है। भवन में जगह-जगह दरारें आ चूकी है।
रघुनाथपुरा. मिली जानकारी के अनुसार यह भवन बाईस साल पुरानी बता रहे हैं। और रघुनाथपुरा के आसपास सेम के कारण भवनों के निचे से सिलन आने के कारण चारदीवारी के पल्सतर उखड़ गया है। और उप स्वास्थ्य केन्द्र में मरीजों के लिए शौचालय उपलब्ध नहीं है। सरकार एक तरफ से तो खुले में शौच मुक्त करने का प्रयास कर रही है। लेकिन सार्वजनिक स्थानों पर तो ध्यान ही नहीं दे रही है। मरीजों व मरीजों के परिजनों को मजबूरी में बाहर खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया गया है।इस और सरकार का अनदेखापन नजर आ रहा है। इस उपस्वास्थ्य केन्द्र के नजदीकी गांवों व ढ़ाणियों, चकों से करीबन दस हजार जनसंख्याओं से जुड़ा है। ग्रामीणों ने मांग की है, कि उप स्वास्थ्य केन्द्र का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में क्रमोन्नत किया जाए। ग्रामीणों ने अमरजेन्सी प्रस्व के लिए 104 एम्बुलेंस की भी मांग की है।
इस मौके पर पुर्व प्रधान चंन्दुराम लेघा, पूर्व सरपंच शंकरगिरी, प्रेमकुमारजोईया, सतीशशर्मा, जैसाराम मेघवाल, साहबराम नाई, मदन नाथ, दुलाराम शर्मा, चुनीलाल घोटिया, कृष्ण गोस्वामी, लेखनाथ, डुंगरराम गोदारा, आदि गणमान्य लोगों ने गांव के उप स्वास्थ्य केन्द्र में सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने से नाराजगी जताई है। हालांकि ग्रामीणों ने स्टाफ की सराहना की है। उधर चिकित्सा अधिकारी सूरतगढ़ डॉ मनोज अग्रवाल का कहना है कि मार्च के बाद जब बजट पारित होगा उसमें उप स्वास्थ्य केन्द्र की नवनिर्माण भवन रघुनाथपुरा का नाम शामिल हैं। इसका मेजर रिपेयर का प्रस्ताव भेजा हुआ है।इसकी हालात देखते हुए दुबारा प्रस्ताव भवन बनाने का फरवरी 2018 को भेजा जाएगा।