शहर के मुख्य बाजार सहित व्यस्तम चौराहों पर संचालित अवैध चाट बाजार सफाई व्यवस्था पर भारी पड़ रहे हैं, वहीं शहरी स्वच्छता के साथ फूड सेफ्टी एक्ट की धज्जियां भी उड़ा रहे हैं।
सूरतगढ़ (श्रीगंगानगर). शहर के मुख्य बाजार सहित व्यस्तम चौराहों पर संचालित अवैध चाट बाजार सफाई व्यवस्था पर भारी पड़ रहे हैं, वहीं शहरी स्वच्छता के साथ फूड सेफ्टी एक्ट की धज्जियां भी उड़ा रहे हैं। नगरपालिका की अनुमति के बगैर संचालित होने वाली चाट व अन्य रेहडिय़ां से दिनभर भारी मात्रा में निकलने वाला प्रतिबंधित प्लास्टिक व अपशिष्ट सीधे नालों में डाला जा रहा है। रेहड़ी चालक कचरा व अन्य प्लास्टिक अपशिष्ट निस्तारण के लिए बने नियमों की पालना नहीं कर रहे हैं। इससे नाले अवरुद्ध होने से दूषित पानी की निकासी ठप पड़ गई है। इससे प्रमुख स्थानों पर कचरे के ढेर लग रहे हैं। जो कि आमजन के साथ-साथ सफाई कर्मचारियों के लिए भी सिरदर्द बने हुए हैं। वहीं नगरपालिका प्रशासन केवल खानापूर्ति के तौर पर चाट रेहड़ी चालकों को प्लास्टिक व अन्य कचरा नालों में नहीं डालने के लिए पाबंद करता रहता है, जिसका इन रेहड़ी संचालकों पर इसका कोई असर नजर नहीं आता है।
गौरतलब है कि शहरी क्षेत्र में रेहडिय़ां व अन्य हाट बाजार लगाने के लिए स्ट्रीट वेंडर एक्ट के तहत नगरपालिका प्रशासन की अनुमति लेना अनिवार्य है। इस एक्ट के तहत रेहड़ी चालकों पर फूड सेफ्टी व कचरा प्रबंधन के नियम भी लागू होते हैं। लेकिन शहर में नगरपालिका की ढिलाई के कारण मुख्य व भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बिना अनुमति के ही ऐसे कई अवैध चाट बाजार संचालित हो रहे हैं। जो न तो फूड सेफ्टी नियमों की पालना करते हैं और न ही कचरा प्रबंधन के प्रति गंभीर हैं। शहर के मुख्य बाजार, बीकानेर रोड पर सैन मंदिर धर्मशाला के आगे, भग्गू वाला कुंआ भारत माता चौक, त्रिमूर्ति मंदिर क्षेत्र, पुराना हाऊङ्क्षसग बोर्ड, इंदिरा सर्कल क्षेत्र पर बिना पालिका की अनुमति ऐसी कई अवैध चाट की रेहडियां लग रही हैं। इससे यह क्षेत्र चाट बाजार का रूप धारण कर चुके हैं। लेकिन चाट बाजारों में रेहड़ी लगाने वाले कचरा प्रबंधन की जमकर धज्जियां उड़ा रहे हैं।