
रावतसर.
करीब 17 वर्ष पुराने प्रेम कालीरावण हत्या मामले में आरोपित दो पार्षदों को एसओजी, जयपुर की टीम रविवार को यहां से अपने साथ ले गई। टीम के दोनों आरोपितों को राउंडअप करने से कस्बे में उनके अपहरण की खबर फैल गई। लेकिन बाद में पता चला कि पार्षद व नगर पालिकाध्यक्ष नीलम सहारण के पति हरवीर सहारण व पार्षद पृथ्वीराज देहडू को एसओजी की जयपुर टीम राउंडअप कर अपने साथ ले गई है। उनका कोई अपहरण नहीं हुआ है।
यद्यपि स्थानीय पुलिस ने दोनों पार्षदों को राउंडअप कर जयपुर ले जाने की घटना की पुष्टि नहीं है। इस तरह के किसी घटनाक्रम की जानकारी से भी इनकार किया है। मजेदार बात तो यह है कि कस्बे में दोनों के अपहरण की अफवाह फैलने के बाद पुलिस टीम भी सड़क पर नजर आई। इसे लोगों ने अपहरण की घटना से जोड़कर देखा।
क्या था मामला
प्रकरण के अनुसार नौ नवम्बर 2001 को प्रेम कालीरावण गायब हो गया था। इस संबंध में स्थानीय पुलिस थाने में उसके पुत्र राजाराम ने गुमशुदगी दर्ज करवाई। इसके कुछ समय बाद हत्या का पता चलने पर वर्ष 2003 में मृतक की मां नोरा देवी ने हरवीर जाट, पप्पू पुत्र नंदराम, वजीर पुत्र हाजी व भीम पुत्र चानणराम के खिलाफ धारा 302, 201 में मामला दर्ज करवाया। बाद में पुलिस ने साक्ष्य के अभाव में एफआर लगा दी।
यूं खुला राज
जनवरी 2017 में सरदारशहर थाने में 45 लाख रुपए की लूट मामले में पुलिस ने वजीर को गिरफ्तार किया तो यह मामला भी खुल गया। उसने पूछताछ में 17 साल पहले रावतसर में हुई हत्या का राज उगल दिया। वजीर ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2001 में आरोपित अपने गांव पोहड़का में था। दोपहर को रावतसर से वर्तमान निर्दलीय पार्षद हरवीर जाट व भीम बेनीवाल कमांडर जीप लेकर आए। जीप पोहड़का निवासी पप्पू मेघवाल चला रहा था।
यह लोग वजीर खां को जीप में बैठाकर अपने साथ पोहड़का की नर्सरी में ले गए। यहां भीम बेनीवाल व हरवीर जाट ने जीप से एक बोरी उतारी। उसमें कालीरावण की लाश थी। सबने मिलकर लाश को मिट्टी में दबा दिया। बाद में आरोपी उसे पोहड़का छोड़ कर चले गए। दूसरे दिन शाम करीब चार बजे भीम बेनीवाल, वर्तमान पार्षद हरवीर जाट, जीतू मेघवाल व मांगीलाल तारग आए। आरोपितों ने लाश को निकाला तथा करीब दो-तीन किलोमीटर दूर ले जाकर जला दिया।
मुझे नहीं पता
इस घटनाक्रम के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। कस्बे में ना ही नाकाबंदी करवाई गई। एसओजी ने कोई कार्रवाई की है तो उनसे ही इस संबंध में बात कीजिए।
मुकुटबिहारी मीणा,
थाना प्रभारी रावतसर।