वार्ड नम्बर 10 के अलावा मुख्य बाजार में कॅनाट पैलेस चौराहे पर रात्रि में चंगों की थाप पर होली के दीवानों की मंस्ती परवान चढऩे लगी है।
अनूपगढ़.
हारे आंगनीय पधारो गणपति, जगदम्बे हारी अर्ज सुनो, भरदे मायरो सांवरिया नानी बाई रो, राजा बल के दरबार मची होली, मत मारो कानूड़ा हारे लग जासी, देवर हारो रे हरिय रूमाल वालों, जैसे होली के मस्त गीतों पर नाचने और चंग की थाप रात्रि में सुनाई देने लगी है। होली के पावन रंगों तथा आपसी प्रेम व भाई के प्रतीक होली महोत्सव को लेकर चौपाल सजने लगे है। वार्ड नम्बर 10 के अलावा मुख्य बाजार में कॅनाट पैलेस चौराहे पर रात्रि में चंगों की थाप पर होली के दीवानों की मंस्ती परवान चढऩे लगी है।
जैसे-जैसे होली का पर्व नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे ही फागुनी गीतों की मस्ती लोगों पर अपना असर बढ़ाती जा रही है। राजस्थानी गीतों के साथ ही होली के अन्य गीतों के बोल भी लोगों को अपनी ओर आकॢषत कर रहे हैं। रात्रि में जहां पर यह चौपाल सजती है वहां पर चंगों की थाप को सुनने और देखने वालो का भी हुजूम उमड़ पड़ता है, क्या युवा, क्या बड़े भी इसका आनंद लेते नजर आ रहे हैं। वीरवार की रात्रि होली के अनेक रसिया वार्ड नम्बर 10 में एक एकत्र हुए और होली महोत्सव के तहत कार्यक्रम में खूब मस्ती करते हुए देर रात्रि तक मनोरंजन किया।
इस अवसर पर भगवानाराम सारस्वत, भाजपा युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष राजू डाल, छगन डाल, बंसीलाल लिम्बा, गणेश लिम्बा,, खेताराम शर्मा, किशोर कलोया, रामकुमार डाल, जेठाराम लिम्बा, मामराज लिम्बा तथा परमानंद गौड सहित अनेक कलाकारों ने फागुन गीतों पर खूब धमाल मचाया और मस्ती की। दूसरी ओर मौज-मस्ती के इस पर्व के प्रति लोगों में पूर्व के वर्षों जैसा उत्साह देखने को तो नहीं मिल रहा है। वार्ड नम्बर 10 के अलावा मुख्य बाजार में कॅनाट पैलेस चौराहे पर रात्रि में चंगों की थाप पर होली के दीवानों की मंस्ती परवान चढऩे लगी है।