
- सफाई कर्मचारी सीधी भर्ती मामला
श्रीगंगानगर.
करीब एक महीना पूरा होने से पहले एक महिला सफाई कर्मचारी ने स्वेच्छा से नौकरी छोडऩे के लिए इस्तीफा दे दिया है। इसके अलावा दो चयनित युवकों ने ज्वाइनिंग करने से परहेज किया है। नगर परिषद में सफाई कर्मियों की सीधी भर्ती की प्रक्रिया पिछले महीने पूरी हुई थी। गत 13 जुलाई को अभ्यर्थियों का चयन लॉटरी से किया गया और 144 पदों के लिए चयनित सूची जारी हुई थी। इनमें से 142 चयनितों ने ज्वाइनिंग की।
इसमें भी एक महिला भादरा के वार्ड 23 गणेशाबास निवासी शीला पत्नी रोहताश ने अपने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। इसके लिए एक शपथ पत्र भी दिया है कि वह भविष्य में कोई क्लेम राशि की मांग नहीं करेगी। वहीं चयनित सादुलशहर निवासी दीनदयाल और श्रीगंगानगर की मास्टर कॉलोनी निवासी सोनू ने ज्वाइनिंग के लिए अभी तक पेश नहीं हो पाए है। ऐसे में नए 144 में से 141 कार्मिक ही रह गए है।
फर्जीवाड़े की जांच का मामला अटका
इस भर्ती में उन चयनितों के खिलाफ अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस के पदाधिकारियों ने जांच के लिए हंगामा किया था, जिन्होंने बिना सफाई कार्य किए सफाई का एक साल का अनुभव प्रमाण पत्र हासिल कर लिया था। इसके लिए बकायदा परिषद के सचिव लाजपत बिश्नोई की अगुवाई में कमेटी भी गठित की है।
इस कमेटी को ऐसे प्रमाण पत्र की जांच के लिए अधिकार आयुक्त और सभापति ने दिए हैं। इधर, सफाई मजदूर कांग्रेस के एक गुट ने इस जांच को औचित्यहीन बताया है। इन लोगों का मानना है यह जांच सिर्फ नगर परिषद की बजाय पूरे प्रदेश स्तर पर हो तो फर्जी तरीके से लगे चयनित को हटाया जा सकता है।