
Sri Ganganagar: A view of the Zila Parishad office
श्रीगंगानगर.सरहद पर अब केवल सुरक्षा ही नहीं, विकास की नई तस्वीर भी नजर आएगी। मुख्यमंत्री थार योजना 2026-27 के तहत श्रीगंगानगर के सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए 40.67 करोड़ रुपए की वार्षिक कार्ययोजना को राज्य स्तरीय समिति ने मंजूरी दे दी है। योजना में 214 विकास कार्य शामिल किए गए हैं। अब जिला परिषद तकनीकी, प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृतियों की प्रक्रिया पूरी कर कार्य शुरू कराएगी।योजना का लाभ अनूपगढ़, घड़साना, करणपुर, रायसिंहनगर और श्रीगंगानगर पंचायत समिति के सीमावर्ती गांवों को मिलेगा। प्राथमिकता शिक्षा एवं स्वास्थ्य,पेयजल, पर्यटन एवं संस्कृति, खेल अवसंरचना, महिला सशक्तिकरण,कृषि एवं पशुपालन तथा संपर्क सडक़ों को दी गई है। जिला परिषद का मानना है कि इन कार्यों से सीमावर्ती गांवों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा और लोगों के जीवन स्तर में सुधार आएगा।
स्वीकृत कार्यों में सबसे अधिक हिस्सेदारी अनूपगढ़ पंचायत समिति की रही है, जहां 42 विकास कार्यों पर 7.05 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके बाद करणपुर में 41 कार्य, रायसिंहनगर में 39, घड़साना में 33 और श्रीगंगानगर पंचायत समिति में 30 कार्य स्वीकृत किए गए हैं। विभागीय स्तर पर पेयजल कार्यों की जिम्मेदारी पीएचईडी तथा सडक़ एवं अन्य निर्माण कार्यों का दायित्व पीडब्ल्यूडी को सौंपा गया है।
थार योजना के तहत इस बार स्थायी संपत्तियों के निर्माण पर विशेष जोर दिया गया है। योजना में युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से दूर रखने के उद्देश्य से गांवों में जिम,खेल मैदान और अन्य खेल सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता दी गई है। इसके साथ ही सरकारी स्कूलों में पुस्तकालय,अतिरिक्त कक्षों सहित शैक्षणिक आधारभूत सुविधाओं के निर्माण को भी शामिल किया गया है। योजना का लाभ केवल भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से 0 से 10 किलोमीटर की परिधि में आने वाले गांवों को मिलेगा। इन विकास कार्यों के माध्यम से सीमावर्ती क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के साथ सामाजिक और शैक्षणिक विकास को भी गति देने का लक्ष्य रखा गया है।
"मुख्यमंत्री थार योजना 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना को राज्य स्तरीय समिति से मंजूरी मिल चुकी है। अब तकनीकी, प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृतियां जारी कर विकास कार्य शुरू कराए जाएंगे। योजना का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार और संतुलित विकास सुनिश्चित करना है।"
-हरिराम चौहान, एसीईओ, जिला परिषद, श्रीगंगानगर
Updated on:
17 Jul 2026 12:29 pm
Published on:
17 Jul 2026 12:29 pm
