राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में पत्नी की हत्या के मामले में एक शख्स को 10 साल जेल की सजा सुनाई गई है। जांच में सामने आया है कि वह पहली पत्नी को पसंद नहीं करता था, बाद में पसंदीदा औरत से शादी रचाई।
श्रीगंगानगर । जिले में 8 साल पहले पत्नी की गला दबाकर हत्या करने वाले पति को अदालत ने सोमवार को आजीवन कारावास और 25 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। जांच में सामने आया कि वह पहली पत्नी को पसंद नहीं करता था। खुदकुशी की धमकी देने पर परिजनों ने उसके प्रेमिका के घर वालों को मनाया और दोबारा शादी रचाई।
मामले की जांच तत्कालीन सीओ सिटी तुलसीदास पुरोहित ने की। जांच में सामने आया कि जयदेव और ममता पहले से एक-दूसरे को जानते थे और जयदेव उससे शादी करना चाहता था, लेकिन परिवार ने उसकी शादी दूसरी लड़की से करवा दी, जिसे जयदेव पसंद नहीं करता था। बाद में वह नशे का आदी हो गया और आखिर जयदेव ने पत्नी को तलाक दे दिया।
इसके बाद जयदेव ममता से शादी करने की जिद की। ऐसा नहीं होने पर खुदकुशी की धमकी दे दी। परिजन ने ममता के परिवार को राजी कर जयदेव की ममता से शादी करवा दी, लेकिन वह उस पर शक करने लगा। इसी शक के चलते उसने 18 जुलाई की रात सो रही ममता की गला दबाकर हत्या कर दी।
जांच में सामने आया कि पत्नी की हत्या करने के बाद पूरी रात शव के पास बैठा रहा। सुबह मां से चाय बनाने की बात कहकर खुद ही हत्या की बात कुबूल कर ली। पुलिस ने उसे ही मुख्य आरोपी मानते हुए चालान पेश किया, जबकि परिवार के अन्य सदस्यों को क्लीन चिट दी गई। अदालत में 26 गवाहों और 22 दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर जयदेव को दोषी ठहराया गया।
विशिष्ट लोक अभियोजक नितिन कुमार वाटस के अनुसार, सदर थाना क्षेत्र के गांव 9 एलएल निवासी लालचंद नायक ने 19 जुलाई 2017 को रिपोर्ट दी थी कि उसकी बेटी ममता की एक माह पहले गांव नाथांवाला 2 एमएल निवासी जयदेव से शादी हुई थी। परिजन ने आरोप लगाया कि दहेज को लेकर ममता को प्रताड़ित किया गया। उन्होंने पति जयदेव के साथ-साथ उसके परिवारजन पर भी प्रताड़ना के आरोप लगाए थे।
रिपोर्ट में बताया गया कि 18 जुलाई की शाम ममता ने फोन कर घरवालों को अपनी हालत बताई थी। अगले दिन सुबह ससुर टेकचंद ने फोन कर बताया कि ममता की तबीयत खराब है। जब पिता पहुंचे, तो ममता मृत अवस्था में बेड पर पड़ी थी और उसके गले पर खरोंच के निशान थे।