शहर के राजकीय जीएनएम नर्सिंग ट्रेनिंग सेंटर के विद्यार्थियों को अब अधिकांश रोगों के क्रियात्मक ज्ञान के लिए राजकीय चिकित्सालय जाने की जरूरत नहीं है।
श्रीगंगानगर.
शहर के राजकीय जीएनएम नर्सिंग ट्रेनिंग सेंटर के विद्यार्थियों को अब अधिकांश रोगों के क्रियात्मक ज्ञान के लिए राजकीय चिकित्सालय जाने की जरूरत नहीं है। उसे पाठ्यक्रम के दौरान ही संस्थान में बनी लैब में डेमो के माध्यम से मेडिकल की तकनीक सिखाई जा रही है। इसमें डिलीवरी करवाने से लेकर अन्य रोगों के बारे में जानकारी दी जा रही है तथा नवजात की नर्सरी में देखभाल के बारे में बताया
जाता है।
केंद्र के अधिकारी बताते हैं कि पूर्व में प्रसव के बारे में जानकारी देने के लिए नर्सिंग विद्यार्थियों को राजकीय जिला चिकित्सालय ले जाया जाता था तथा वहां उन्हें जानकारी दी जाती थी। तब भी वहां उन्हें केवल प्रसव संबंधी जानकारी देखने से ही हो पाती थी तथा उन्हें स्वयं अपने हाथ से कार्य करने का अवसर नहीं मिलता था लेकिन अब केंद्र की लैब में इस तरह के विशेष स्ट्रेचर उपलब्ध करवाए गए हैं जिन पर प्रसव का प्रेक्टिकल डमी के माध्यम से करवाया जाता है।
डमी भी उपलब्ध
इन प्रेक्टिकल के लिए केंद्र को पुतलानुमा डमी भी उपलब्ध करवाई गई है। इन डमी के साथ प्रेक्टिकल करवाया जाता है। इन प्रेक्टिकल के साथ शिशु के पैदा होने के बाद नर्सिंगकर्मी के इसे संभालने, इसकी देखरेख, सुरक्षा आदि के बारे में बताया जाता है। इसके लिए केंद्र में सक्सन मशीन, फोटो थैरेपी मशीन, वार्मर, मेडिसिन डिलीवरी टेबल आदि मशीनें उपलब्ध करवाई गई है।
केंद्र के अधिकारी बताते हैं कि पूर्व में प्रसव के बारे में जानकारी देने के लिए नर्सिंग विद्यार्थियों को राजकीय जिला चिकित्सालय ले जाया जाता था तथा वहां उन्हें जानकारी दी जाती थी। तब भी वहां उन्हें केवल प्रसव संबंधी जानकारी देखने से ही हो पाती थी तथा उन्हें स्वयं अपने हाथ से कार्य करने का अवसर नहीं मिलता था लेकिन अब केंद्र की लैब में इस तरह के विशेष स्ट्रेचर उपलब्ध करवाए गए हैं जिन पर प्रसव का प्रेक्टिकल डमी के माध्यम से करवाया जाता है।