श्री गंगानगर

Video : भ्रष्टाचार के मुद्दे पर घिरी जिला परिषद, कलक्टर ने जताई नाराजगी

नरेगा, ओडीएफ और पंचायनरेगा, ओडीएफ और पंचायत सहायक भर्ती मामले में सुर्खियों में रहने वाली जिला परिषद प्रशासन पर भ्रष्टाचार का आरोपों की झड़ी लग गई।
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Updated: 20 Sep 2017, 6:53 PM IST
council meeting
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श्रीगंगानगर.

नरेगा, ओडीएफ और पंचायत सहायक भर्ती मामले में सुर्खियों में रहने वाली जिला परिषद प्रशासन पर भ्रष्टाचार का आरोपों की झड़ी लग गई। पंचायत सहायक भर्ती में फर्जीवाड़े पर जब प्रदर्शनकारियों की अगुवाई कर रहे पूर्व जिला परिषद सदस्य कालू थोरी ने मंगलवार को जिला परिषद सभागार में साधारण बैठक में यह बोल दिया कि शौचालय निर्माण के नाम पर सीईओ पांच पांच हजार रुपए की रिश्वत मांग रहे हैं। यह सुनकर जिला परिषद की बैठक में बैठे डायरेक्टरों ने मनरेगा, ओडीएफ और पंचायत सहायक भर्ती पर जमकर फजीवाड़े के आरोपों का अंबार लगा दिया। बैठक में मौजूद जिला कलक्टर ज्ञानाराम ने नाराजगी प्रकट करते हुए बोला कि यह क्या हो रहा है। उन्होंने मुख्य कार्यकारी अधिकारी विश्राम मीणा को प्रत्येक आरोपों के संबंध में अपना स्पष्टीकरण देने के लिए कहा और रिपोर्ट मांगी।

इसके बाद सूरतगढ़ विधायक राजेन्द्र भादू ने सूरतगढ़ क्षेत्र के मनरेगा कार्यों की अनुशंसा के संबंध में सवाल-जवाब किया तो सीईओ मीणा से तकरार हो गई।भादू का आरोप था कि सीईओ जानबूझकर सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र में निर्माण कार्य या मनरेगा संबंधित कार्यों में हस्तक्षेप कर टाल-मटोल कर रहे है। उनका कहना था कि चार बार अनुशंसा की संबंधित फाइलों को जिला परिषद से वापस भेजा गया है। कलक्टर ने जवाब तलब किया तो सीईओ ने मनरेगा अधिकारियों से उसी समय रिकार्ड मंगवाया और बोले कि तकनीकी कारणों से यह देरी हुई। अगली बार ऐसा नहीं होगा। कलक्टर ने बिना कारण फाइल रोकने के संबंध में संबंधित अधिकारियों और कार्मिकों को चार्जशीट देकर रिपोर्ट तैयार के निर्देश दिए।

कब तक झूठ का सहारा लेते रहेंगे
सादुलशहर विधायक गुरजंट सिंह ने सिंचाई पानी के मुद्दे पर अधिकारिेयों से सवाल किया कि कब तक झूठ का सहारा लेते रहोगे। उनका कहना था कि डैम में पानी होने के बावजूद किसानों को पानी क्यों नहीं उपलब्ध करवाया जा रहा। रायसिंहनगर विधायक सोना बावरी ने सवाल उठाया कि 13 जुलाई 2017 को गंगनहर में पानी की उपलब्धता कितनी थी, यह सवाल उन्होंने दो बार दोहराया तो भी जवाब नहीं मिला। इस पर कलक्टर ने हस्तक्षेप करते हुए सिंचाई अधिकारियों से जवाब देने के लिए कहा। जल संसाधन विभाग के एक्सईएन प्रदीप रुस्तगी ने जवाब दिया तो लेकिन विधायक संतुष्ट नहीं हुई। उन्होंने गंगनहर की 45 आरडी में पानी कम किए जाने पर सवाल मांगा। एक्सईएन रुस्तगी का कहना था कि रायसिंहनगर क्षेत्र की करणजी ब्रांच के कई किसानों ने हाईकोर्ट से स्थगन आदेश ले रखा है। इस कारण उनके मोघों से निर्धारित मात्रा से अधिक पानी लिया जा रहा है।

'अनुपस्थिति बर्दाश्त नहीं'

जिला परिषद की बैठक के दौरान आईजीएनपी, महिला एवं बाल विकास विभाग की उपनिदेशक ऋषिबाला श्रीमाली सहित कई अधिकारी अनुपस्थित रहे। विधायक राजेन्द्र भादू ने अधिकारियों के बारे में पूछा तो जिला प्रमुख प्रियंका श्योराण बोली कि किसी भी अधिकारी की अनुपस्थिति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सीईओ को आदेश दिया कि जो अधिकारी जान बूझकर नहीं आए हैं उनको चार्जशीट दी जाए। यह सुनकर कलक्टर ने सीईओ को अनुपस्थित रहे अधिकारियों की सूची देने और संबंधित अधिकारियों के बारे में शासन सचिव को रिपोर्ट करते हुए चार्जशीट की अनुशंसा का आश्वासन दिया।

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