
महिला से ठग लिए थे 20947 रुपए
श्रीगंगानगर. जवाहरनगर थाना पुलिस ने भरतपुर जिले के कैथवाड़ा के गांव खेडाबास में बैठकर ओएलएक्स पर महंगा मोबाइल सस्ता बेचने का झांसा देकर श्रीगंगानगर की एक महिला से बीस हजार रुपए से अधिक की राशि ठगने के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस आरोपी से इस तरह ठगी की अन्य वारदातों के बारे में भी पूछताछ कर रही है।
जवाहरनगर थाना प्रभारी प्रशांत कौशिक ने बताया कि 5 अपे्रल को जवाहरनगर निवासी वीरपाल कौर ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि ओएलएक्स पर 9 मोबाइलों की बिक्री का विज्ञापन देखा था। ओएलएक्स मैसेजर पर विक्रेता के मोबाइल नंबर लेकर उसको फोन किया। उसने खुद को सैन्यकर्मी बताया व अपना नाम मनजीत बताया था। महिला ने उस पर विश्वास करके सौदा कर लिया। अग्रिम राशि दो हजार रुपए पेटीएम के माध्यम से भुगतान कर दिया था। शेष राशि मोबाइल को कोरियर करने का बिल भेजने के बाद ही देने के लिए कहा। उसने मोबाइल पर कोरियर का बिल भेज दिया। शेष राशि उसने भेज दी। लगातार आरोपी के फोन आते रहे और वह राशि डालती रही। महिला ने कुल 20 हजार 947 रुपए उसको भेज दिए। इसके बाद भी ना तो राशि मिली और ना ही मोबाइल मिल पाया। फोन पर करने पर आरोपी अपना नाम बदलता रहा। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस अधीक्षक व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में सबइंस्पेक्टर राकेश स्वामी के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। इस टीम को आरोपी की तलाश में अलवर व भरतपुर भेजा गया। पुलिस ने जांच के बाद गांव खेडाबास कैथवाड़ा भरतपुर निवासी आरोपी अशफाक पुत्र फकरुद्दीन को दबोच लिया गया। इसके पास से जिसके मोबाइल से बेचे जाने वाले मोबाइल की फोटो, फोन पे विवरण, पीटीएम विवरण बरामद कर लिए। आरोपी राजस्थान व उत्तरप्रदेश में ओएलएक्स के जरिए लंबे समय से लोगों से ठगी कर रहा था। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। टीम में हैडकांस्टेबल सतवीर सिंह, कांस्टेबल मुकेश मीणा शामिल रहे।
ऑनलाइन ठगी से बचने को पुलिस के सुझाव
- पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि यदि ऑनलाइन या ओएलएक्स पर खरीदारी करे तो बार-बार या कीमत से अधिक राािश् मांगने पर सतर्क हो जाएं। इस मामले में फौजी बनकर सामान बेचने की बात आई है। जबकि फौजी अपना परिचय पत्र या फोटो यूनीफॉर्म में नेट पर नहीं डालते हैं। ऐसे मामले में फोन को ट्रयू कॉलर पर चेक कर सकते हैं। वहां भी गलत नाम हो सकता है। वीडियो कॉल कर पता लगाया जा सकता है कि कौन कहां से बोल रहा है। ऐसे मामलों में सामान प्राप्त होने पर भुगतान करें पहले नहीं करें। लालच व असावधानी से बचें।