
श्रीगंगानगर.
शहर में महज बारह एमएम बरसात ने नगर परिषद प्रशासन के पानी निकासी के बंदोबस्त दावे की हकीकत बयां कर दी। गुरुवार को पानी निकासी नहीं होने से पुरानी आबादी टावर रोड, रवीन्द्र पथ, सुखाडिय़ा मार्ग और तहसील रोड पर जल भराव की स्थिति बनी रही। हालांकि यह पानी सुबह की बजाय शाम को कम नजर आया लेकिन समस्या ज्यों की त्यों बनी रही। यही हाल गंगासिंह आरयूबी और कोर्ट के मुख्य गेट पर देखने को मिली, इन दोनों क्षेत्रों में पानी की निकासी गुरुवार शाम तक नहीं हो पाई।
इससे पहले नगर परिषद प्रशासन ने एक सौ एमएम बरसात झेलने का दावा किया था। जिला कलक्टर ज्ञानाराम ने चार दिन पहले आयुक्त को तलब कर पानी निकासी के लिए नालों को साफ कराने के लिए घूंटी भी पिलाई लेकिन इसका असर नहीं हो पाया है। रवीन्द्र पथ से लेकर इंदिरा चौक तक मुख्य नाले पानी से लबालब नजर आएं तो वहीं इंदिरा वाटिका से मीरा चौक तक और चहल चौक तक मुख्य नाले की स्थिति यही नजर आई। जवाहरनगर सैक्टर सात, आठ, सैक्टर एक, शिव चौक से राजकीय जिला चिकित्सालय तक, चहल चौक से ट्रेक्टर मार्केट तक नाले और नालियों की सफाई नहीं होने के कारण गंदगी पसरी रही।
तब दौड़ा नगर परिषद का अमला
नगर परिषद के स्वास्थ्य अधिकारी देवेन्द्र प्रताप सिंह की अगुवाई में मीरा चौक से चहल चौक मुख्य नाले को साफ करने के लिए गुरुवार दोपहर बाद अमला सक्रिय हुआ। मीरा चौक के पास भाजपा कार्यालय है, इस कार्यालय के आगे पानी निकासी नहीं होने के कारण जब डीएलबी के अधिकारियों की घंटिया बजी तो परिषद अमले ने मीरा मार्ग पर आंचल हॉस्पिटल के पास मुख्य नाले की सफाई शुरू कराई। दुकानों, शोरूम और हॉस्पिटल संचालकों ने मुख्य नाले को पक्का निर्माण कर कवर किया हुआ है, इन अतिक्रमण को हटाने के लिए नगर परिषद अमले ने हाथ खड़े कर दिए है। इस अमले में शामिल अधिकारियों की माने तो सिफारिश के कारण अतिक्रमण चाहकर भी नहीं हटा पा रहे है।