https://www.patrika.com/rajasthan-news/
श्रीगंगानगर.
करीब छह साल पहले श्रीबिजयनगर के शिवपुरी गढ़ में अपनी पत्नी की गोली मारकर हत्या कर खुद आत्महत्या करने के प्रयास के मामले में श्रीबिजयनगर कृषि उपज मंडी समिति के तत्कालीन चेयरमैन को आजीवन कारावास से दंडित किया गया है। यह निर्णय गुरुवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेन्द्र सिंह ढड्ढा ने सुनाया। परिवादी की वकील परमजीत कौर गुजराल ने बताया कि 9 अप्रेल 2012 को श्रीबिजयनगर पुलिस थाने में 4 बीएलडी निवासी और शिवपुरी गढ़ के सफाई कार्मिक प्रेमचंद की रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया गया था।
इसमें बताया कि शिवपुरी गढ़ में रहने वाले सानिया (नागौर) निवासी राजेन्द्र सिंह पुत्र भीमसिंह राजपूत की पत्नी अन्नू कंवर के गोली लगने से घायल होने के बारे में सूचना देने का दावा किया गया था। इस मामले की जांच हुई तो पाया गया कि इस दिन दोपहर करीब पौने एक बजे राजेन्द्र सिंह ने अपनी पत्नी अन्नू कंवर को अपनी बंदूक से दो गोली मारकर हत्या कर शिवपुरी गढ़ की दूसरी मंजिल के दरवाजे पर लगे शीशों को तोड़कर अपने हाथ की नस काटकर खुदकुशी का प्रयास किया था। अन्नू कंवर को राजकीय अस्पताल पहुंचाया गया जहां चिकित्सकों ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने राजेन्द्र ङ्क्षसह को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर 13 अप्रेल 2012 को शिवपुर गढ़ से बारह बोर बंदूक बरामद की थी।
अन्नू कंवर के परिजनों की गवाही अहम साबित हुई
इस मामले में मृतका अन्नू कंवर के परिजनों ने राजेन्द्र सिंह के खिलाफ अदालत में गवाही दी, जिसके आधार पर अदालत ने आजीवन कारावास से दंडित किया। इन परिजनों का कहना था कि 30 जून 2005 को अन्नू की शादी पिलानी में राजेन्द्र सिंह के साथ हुई थी। शादी में नकदी और लाखों रुपए के गहने देने के बावजूद वह अन्नू को तंग करता था। यहां तक कि उसके जयपुर की एक महिला से अवैध संबंधों को लेकर आए दिन तकरार रहती थी। शराब का आदी होने के कारण उसे नशामुक्ति केन्द्र में भर्ती कराया था, इसके बावजूद उसकी हरकतें कम नहीं हुई। कृषि उपज मंडी समिति श्रीविजयनगर का चेयरमैन बनने के बाद वह श्रीबिजयनगर के शिवपुरी गढ़ में रहने लगा था। इस मामले में कुल 76 गवाह पेश हुए थे। आरोपी ने जांच अधिकारी एएसआई सवाई सिंह के समक्ष गलती स्वीकार की थी।
इन-इन धाराओं में मिली सजा
अदालत ने पत्नी अन्नू की हत्या के जुर्म में आईपीसी की धारा 302 में आजीवन कारावास व पांच हजार रुपए जुर्माना, खुद आत्महत्या का प्रयास करने के संबंध में आईपीसी की धारा 309 में एक साल कारावास और नाजायज बंदूक रखने के मामले में एक साल कारावास व दो हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।