
श्रीगंगानगर.
रेलवे स्टेशन पर दिनरात हजारों की संख्या में यात्रियों का आना-जाना लगा रहता है और यहां हर दस-पंद्रह दिन में छोटी-बड़ी वारदात होती रहती है। इसके बावजूद भी यहां संदिग्धों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए हैं। जबकि इसको लेकर आरपीएफ की ओर से प्रस्ताव बनाकर भेजा हुआ है।
आरपीएफ पुलिसकर्मियों ने बताया कि रेलवे स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरों की आवश्यकता है। इससे यहां संदिग्धों पर नजर रखी जा सके और पुलिस को किसी वारदात के बाद आरोपितों को पकडऩे में आसानी रहे।करीब एक माह पहले यहां वेटिंग हाल में बैठे दिल्ली के एक व्यापारी के पास एक युवक आकर बैठ गया था। उसने दोस्ती की और दोनों ट्रेन में दिल्ली के लिए रवाना हो गए। रास्ते में युवक ने व्यापारी को कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिला दिया। इससे व्यापारी अचेत हो गया। यह युवक व्यापारी का मोबाइल, बैग, पर्स आदि लेकर चला गया। व्यापारी को दिल्ली जाकर ट्रेन से पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसको दो दिन बाद होश आया। इसकी रिपोर्ट एक माह यहां आकर व्यापारी ने आरपीएफ थाने में दर्ज कराई थी। इस युवक की तलाश के लिए पुलिस को उसका स्केच जारी करना पड़ा। यदि कैमरे होते तो उसकी पहचान हो सकती थी। इसी तरह, यहां छोटी-बड़ी वारदात हो जाती है। इसके अलावा यहां नशा करने वाले आकर बैठ जाते हैं। इस पर झगड़े आदि होते हैं। ऐसे मामलों व संदिग्धों पर नजर रखने के लिए आरपीएफ थाने की ओर से करीब एक साल पहले प्रस्ताव बनाकर अधिकारियों को भेजा गया था लेकिन अभी यहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लग पाए।
इनका कहना है
- स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरे जरूरी है, जिससे संदिग्धों पर नजर रखी जा सके। इसके लिए प्रस्ताव बनाकर अधिकारियों को भेजा गया था लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है। फिर से प्रस्ताव को लेकर रिमांइडर भेजा जाएगा।
बीरबल यादव, कार्यवाक आरपीएफ थाना प्रभारी श्रीगंगानगर।