श्री गंगानगर

25 दिन पक्की करेंगे “नीट की सीट”, मामूली गलतियों से गिरेगी रैंक पर गाज

श्रीगंगानगर.जिले में दो हजार से ज्यादा विद्यार्थी इस साल नीट परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं, लेकिन अब यह पढ़ाई का नहीं, बल्कि खुद को साबित करने का समय है। परीक्षा में केवल 25 दिन शेष हैं और यही वह दौर है जहां मेहनत से ज्यादा रणनीति काम आती है। सालभर की तैयारी के […]

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श्रीगंगानगर.जिले में दो हजार से ज्यादा विद्यार्थी इस साल नीट परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं, लेकिन अब यह पढ़ाई का नहीं, बल्कि खुद को साबित करने का समय है। परीक्षा में केवल 25 दिन शेष हैं और यही वह दौर है जहां मेहनत से ज्यादा रणनीति काम आती है। सालभर की तैयारी के बावजूद कई विद्यार्थी अंतिम समय की छोटी-छोटी गलतियों के कारण पीछे रह जाते हैं। ऐसे में अब असली चुनौती यही है-पढ़ाई नहीं,बल्कि गलतियों पर नियंत्रण। नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षा में हार अक्सर कठिन सवालों से नहीं होती,बल्कि लापरवाही से होती है। इसी लापरवाही से बचने के लिए पत्रिका ने परीक्षा विशेषज्ञ भूपेश शर्मा से खास बातचीत में अंतिम दिनों की तैयारी के मूल मंत्र जाने। गौरतलब है कि यह परीक्षा 3 मई को देश के 552 शहरों और 14 विदेशी केंद्रों पर आयोजित होगी, जिसके माध्यम से एमबीबीएस, बीडीएस और आयुष पाठ्यक्रमों में प्रवेश मिलेगा।

प्रदेश के 25 शहरों में होगी परीक्षा

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी प्रदेश के 25 शहरों में परीक्षा आयोजित करेगी। इनमें गंगानगर, हनुमानगढ़ के अलावा अलवर, बारां, बाड़मेर, भरतपुर, भीलवाड़ा, चित्तौडगढ़़, चूरू, दौसा, धौलपुर, जैसलमेर, झुंझुनू, करौली, नागौर, पाली, सवाई माधोपुर, सीकर, सिरोही, अजमेर, बीकानेर, जयपुर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर शामिल हैं।

टॉपिक एक्सपर्ट


-भूपेश शर्मा, जिला समन्वयक, परीक्षा प्रकोष्ठ, श्रीगंगानगर





जल्दबाजी देगी अंकों का नुकसान
इस समय नई चीजें सीखने के बजाय अपनी गलतियों को खत्म करना जरूरी है। ओएमआर शीट में गलती,जल्दबाजी में उत्तर भरना या सवाल ठीक से पढ़े बिना टिक करना सीधे अंक काटता है।





गलत अनुमान पड़ेगा भारी
नेगेटिव मार्किंग सबसे बड़ा खतरा है। 4 और -1 के पैटर्न में एक गलत अनुमान कई सही जवाबों का फायदा खत्म कर सकता है। इसलिए पहले केवल उन्हीं सवालों को हल करें जिन पर पूरा भरोसा हो।





मॉक टेस्ट से पकड़े गलतियां
सिर्फ टेस्ट देना काफी नहीं है। हर मॉक टेस्ट के बाद कम से कम 30 मिनट यह समझने में लगाएं कि गलती कहां और क्यों हुई। यही सुधार का असली रास्ता है।
लाइनें और डायग्राम पर फोकस
जीव विज्ञान में सीधे सवाल एनसीईआरटी से आते हैं। डायग्राम, परिभाषाएं और तथ्यात्मक लाइनें ही स्कोर बढ़ाने की कुंजी हैं। रोज एक डायग्राम बनाना फायदेमंद रहेगा।





आसान से कठिन की ओर बढ़े
समय प्रबंधन सबसे निर्णायक फैक्टर है। कठिन सवालों में उलझकर आसान अंक गंवाना सबसे बड़ी गलती है। पेपर हमेशा आसान से शुरू करें और हर सवाल के लिए समय तय रखें।


Published on:
08 Apr 2026 01:01 pm
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