श्री गंगानगर

नहीं सुधरे अनाज मंडी के हालात

- सरसों एवं चना की सरकारी खरीद में अव्यवस्था का आलम यह है कि कट्टों की कई-कई दिन सिलाई नहीं होने से भारी नुकसान हो रहा है।

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श्रीगंगानगर.

सरकार की लंगड़ी चाल से नई धानमंडी में बुरे हाल हैं। सरसों एवं चना की सरकारी खरीद में अव्यवस्था का आलम यह है कि कट्टों की कई-कई दिन सिलाई नहीं होने से भारी नुकसान हो रहा है।


गंगानगर किसान समिति के प्रवक्ता संतवीर सिंह मोहनपुरा ने खुले कट्टों से नीचे बिखरते सरसों और चना के अनेक फोटो खींचने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों से कुछ इस लहजे में बात की तो वे कोई संतोषजनक जवाब तक नहीं दे पाए। संतवीर सिंह ने बताया कि गुरुवार को कई किसानों के साथ उन्होंने मंडी परिसर में कॉमन पिड़ों पर पड़े इन कट्टों को देखा तो दंग रह गए। सरसों एवं चना आपस में मिल तक रहा है। सिलाई के लिए इन पिड़ों पर बिजली तक का पूरा बंदोबस्त नहीं है। इनके अनुसार माल खरीदने के बाद किसान को किसी प्रकार का प्रूफ नहीं दिया जा रहा। ऐसे में भण्डारण के समय गुणवत्ता में फर्क पडऩे या घटौती होने से किसान के भुगतान में अड़ंगा डाले जाने की आशंका हो सकती है। अगर ऐसी कोशिश की गई तो जम कर विरोध किया जाएगा क्योंकि माल बेचने के बाद सारी जिम्मेदारी सरकार की है।


मंडी में हो रहीबंपर आवक

नई धानमंडी में इन दिनों कृषि जिन्सों की अच्छी-खासी आवक हो रही है। गुरुवार को गेहूं की आवक 6493 क्विंटल, सरसों की 1112, जौ की 623, ग्वार की 285 एवं चना की आवक 136 क्विंटल रही।


गेहूं के उठाव में कुछ तेजी
नई धान मंडी में गेहूं के कट्टों के उठाव में गुरुवार को कुछ तेजी आई। पैंतीस हजार से अधिक कट्टों का उठाव हुआ। मंडी में अभी तक लगभग 6 लाख कट्टों की खरीद हो चुकी है लेकिन उठाव एक लाखा 77 हजार कट्टों का ही हो पाया है। ट्रकों से उठाव शुरू होने के बाद कुछ फर्क पड़ा है, इनकी संख्या बढ़ाने से और राहत मिलेगी। गुणवत्ता निरीक्षक हवासिंह ने अभी तक की स्थिति का उच्चाधिकारियों को ब्यौरा दिया है साथ ही बारदाना वितरण आदि के बारे में संबंधित लोगों से चर्चा की है।


वाहनों का लगता है जाम
मंडी में अभी भी वाहनों का जाम लगना जारी है। कई ट्रैक्टर-ट्राली, जीप-कार आदि बेतरतीब खड़े होने से भी परेशानी हो रही है। बुधवार को एक जीप के कारण मंडी के द्वितीय ब्लॉक में कुछ देर दिक्कत हुई। आवागमन में बाधा बन रही इस जीप को बाद में धक्का मारकर साइड में किया गया। गुरुवार को भी दिन में कई बार जाम लगा, इससे सभी को काफी असुविधा हुई।


रात में उठाव से मिल सकती है राहत
जिला प्रशासन,एफसीआई और मंडी समिति रात को गेहूं का उठाव कर किसान,मजदूर और व्यापारी वर्ग को बड़ी राहत दे सकता है। रात्रि को टै्रक्टर-ट्रॉली व ट्रक आदि को आने-जाने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। साथ ही रात में मौसम ठंडा होने पर मजदूर वर्ग भी ज्यादा फुर्ती से काम करेगा।


इनका कहना है
नई धानमंडी में चार लाख 20 हजार थैले गेहूं के पड़े हैं। गुरुवार को 15 ट्रक और 80-90 टैक्टर-ट्रॉली लगाकर गेहूं के 36 हजार थैलों उठाव किया गया है। जहां पहले 15 हजार थैले गेहूं का उठाव हो रहा था अब 35 हजार थैले प्रतिदिन तक पहुंच गई है।
हवा सिंह, क्यूआई, एफसीआई, श्रीगंगानगर।

Published on:
20 Apr 2018 07:33 am
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