Now electricity and water supply disrupted in the city, people started protesting till midnight- भारी भरकम बिल आने के बावजूद नियमित सप्लाई करने में अफसर नाकाम
श्रीगंगानगर. एक ओर नहरों में सिंचाई पानी की कम उपलब्धता को लेकर किसान संगठन कलक्ट्रेट पर महापड़ाव तक कर रहे है। वहीं शहरी क्षेत्र में बिजली-पानी की आपूर्ति बाधित हो रही है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने पिछले एक सप्ताह से शहर की अधिकांश कॉलोनियों में पानी की सप्लाई एकाएक कम कर दी है। इससे पेयजल संकट गहराया हुआ है।
वहीं विद्युत निगम की ओर से बिजली सप्लाई में बार बार व्यवधान आ रहा है। कई जगह बिजली के ट्रांसफार्मर जल रहे है तो कई जगह लाइनों में फाल्ट आने लगा है। गर्मी और उमस से निजात दिलाने के लिए बरसात नहीं होने के कारण बिजली का लोड एकाएक बढ़ा है। पूरे साल भर विद्युत निगम रख रखाव के नाम पर हर कॉलोनी में बिजली कटौती की। इस गर्मी के मौसम में आते ही निगम का तंत्र हांफने लगा है।
जवाहरनगर और हाउसिंग बोर्ड एरिया में पिछले दो सप्ताह से लगातार दिन और रात के समय में बार बार कट लगाए जा रहे है। इसका ऑन रेकार्ड नहीं है। जब भी निगम के एसई को कॉल करो तो यही जवाब मिलता है कि बिजली की खपत अधिक है, आपूर्ति प्रभावित हो रही है। अग्रसेननगर सहित कई इलाकों में पिछले दो दिनों से पानी की आपूर्ति नियमित नहीं हो रही है।
वहीं एसएसबी रोड पर चक ३ ई छोटी में स्थित रामलाल कॉलोनी गली नम्बर ९ के बांशिदों ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मोहल्लेवासियों का कहना था कि पिछले तीन दिन से जलापूर्ति कम हो रही थी, एक बंूद भी पानी नहीं आया।
प्यास बुझाने के लिए पानी टैंकरों से मुंहमांगे दाम चुकाने पड़ रहे है। प्रदर्शन करने वालों में शैलेन्द्र उपवेजा, सोनी पोपली, रामचन्द्र, वीरपाल, नरेन्द्र, किशन गेरा, रानी, शिमलादेवी, भारती, नरेश मदान आदि मौजूद थे।