श्रीकरणपुर थाने में एएसआइ के कुल पांच पदों में महज दो एएसआई शिवलाल मीणा व सुभाषचंद मीणा कार्यरत थे। दो दिन पहले दोनों एएसआइ के साथ सिपाही भीमसैन को भी लाइन हाजिर कर दिया गया।
श्रीकरणपुर (श्रीगंगानगर). स्टाफ पहले ही कम था, दो एएसआइ थे उन्हें भी किया रवाना…अब सीआइ के जिम्मे है बार्डर का थाना। जी हां, भारत-पाक सीमा से सटे कस्बे व करीब 80 गांवों के जिम्मेदारी वाले स्थानीय पुलिस थाने के सोमवार को कुछ ऐसे ही हालात नजर आए और यह बात थाने में चर्चा का विषय भी बनी।
जानकारी अनुसार स्थानीय थाने में एएसआइ के कुल पांच पदों में महज दो एएसआई शिवलाल मीणा व सुभाषचंद मीणा कार्यरत थे। दो दिन पहले दोनों एएसआइ के साथ सिपाही भीमसैन को भी लाइन हाजिर कर दिया गया। ऐसे में एएसआइ के पांचों पद खाली हो गए हैं। इधर, एसआइ के दो पदों में से एक पद लंबे अर्से से रिक्त चल रहा है। इससे थाने में सीआइ सुरेंद्र प्रजापत व एसआइ बेगराज मीणा ही फिलहाल अधिकारी रह गए हैं। इसके अलावा हैड कांस्टेबल के आठ में से चार पद तथा सिपाहियों के कुल 45 में से 23 पद भी रिक्त चल रहे हैं। नफरी की कमी झेल रहे बार्डर के थाने में अधिकारियों के सभी पद रिक्त होने से बेहतर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठता है।
आपको बता दें कि क्षेत्र के कई मुद्दे ऐसे हैं जो सीएलजी की हर बैठक में उठते हैं लेकिन उनका कोई प्रभावी समाधान नजर नहीं आता। क्षेत्र में चिट्टे व गांजे जैसे मादक पदार्थों का चलन बढ़ रहा है। वहीं, पिछले दिनों में नशे की चपेट में आने से तीन युवकों की मौत हुई है। ऐसे में नशे की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस की प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है। इसके अलावा विभिन्न आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए गश्त व्यवस्था व बीट प्रणाली सु²ढ़ करने, बुलेट मोटरसाइकिल पर पटाखे छोडऩे वाले युवकों पर नकेल कसने व यातायात व्यवस्था बनाए रखने आदि के लिए थाने में पर्याप्त नफरी होना बेहद जरूरी है।
भारत-पाक सीमा पर बसे कस्बे से जुड़े एरिया में पाकिस्तान से घुसपैठ व तस्करी की घटनाएं भी अक्सर होती रहती हैं। लेकिन हाल ही गांव 13 एफएफ मानकसर के निकट बड़ा आपराधिक मामला सामने अया। वहां चार अक्टूबर 2024 को लूट की नीयत से जानलेवा हमला किया गया। घटनाक्रम में पंचायत समिति के पूर्व उप प्रधान माइकल कंबोज का पैर काट दिया गया व उसके साढू अमनदीप कंबोज के सिर पर गंभीर वार किया गया। मामले में कई दिन बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया लेकिन इस घटना को याद कर आज भी दिल दहल जाता है।