
श्रीगंगानगर। पुरानी आबादी क्षेत्र में पानी की किल्लत को लेकर बुलाई गई बैठक के दौरान गुरुवार को बड़ा विवाद हो गया। जयदीप बिहाणी पर आरयूआईडीपी और एलएंडटी के अधिकारियों ने कथित रूप से हमला कर दिया। आरोप है कि गुस्से में आए अधिकारियों ने विधायक का कॉलर पकड़करथप्पड़जड़ दिया, जिससे उनका चश्मा भी टूट गया। घटना दोपहर करीब 12 बजे विधायक सेवा केंद्र में हुई, जहां पानी की समस्या को लेकर वार्ता चल रही थी। एकाएक हुए इस घटनाक्रम से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। वहां मौजूद लोगों ने किसी तरह विधायक को छुड़ाया, जबकि समर्थकों ने आरोपियों को पकड़ लिया। सूचना मिलने पर जवाहरनगर पुलिस मौके पर पहुंची और तीन जनों को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार विधायक की ओर से परिवाद प्राप्त हुआ है, इसके आधार पर मामला दर्ज किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार पुरानी आबादी में पिछले एक सप्ताह से पानी की सप्लाई बाधित थी। इससे नाराज लोगों ने विधायक से शिकायत की थी। इसी के समाधान के लिए संबंधित विभागों और ठेका कंपनी के अधिकारियों को बुलाया गया था। बताया जा रहा है कि अधिकारी तय समय से देरी से पहुंचे, जिससे माहौल पहले से ही गरम था। बातचीत के दौरान कहासुनी बढ़ी और मामला हाथापाई तक पहुंच गया।
जिला प्रशासन हरकत में आया, एडीएम पहुंचे विधायक से मिलने
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। मामले की जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। साथ ही पानी की समस्या को लेकर संबंधित एजेंसियों से रिपोर्ट तलब की गई है। एडीएम प्रशासन सुभाषचन्द्र भी घटना स्थल पर पहुंचे और उन्हेांने विधायक बिहाणी से पूरे घटनाक्रम का फीडबैक लिया। उन्होंंने पानी सप्लाई की समस्या के समाधान के लिए आरयूआईडीपी और एलएंडटी कंपनी के मुख्यालय को भी अवगत कराते हुए रिपोर्ट तलब की है।
पूरा शहर सड़कों की खुदाई से आया तंग
पूरे शहर में ठेका कंपनी एलएंडटी ने सीवर लाइन और वाटर लाइन के नाम पर हर मोहल्ले में सड़कों को खोद दिया गया। जगह जगह पानी के कनैकशन काट दिए गए। करीब डेढ़ साल पहले विधायक बिहाणी ने जी ब्लॉक में खानापूर्ति से बनाई जा रही सड़क को फिर से जांच करवाकर दुबारा बनवाया था, तब से विधायक ठेका कंपनी एलएंडटी के निशाने पर थे। विधायक ने कई बार ठेका कंपनी की शिकायतों को जिला कलक्ट्रेट की बैठकों में बार बार उठाया लेकिन इस पर एक्शन नहीं हो पाया। इस संबंध में विधायक बिहाणी का कहना था कि जल मिशन के नाम पर साढ़े 500 करोड़ रुपए के बजट को गोलमाल किया गया। इसकी जांच के लिए वे बार बार हर मंच पर बोलते रहे है लेकिन सरकार ने एक्शन नहीं लिया। यदि एक्शन लिया होता तो अब तक धरातल पर काम दिखता।