नई बसों के शामिल होने के बाद श्रीगंगानगर डिपो की कुल बस संख्या 100 से बढकऱ 110 हो जाएगी। खास बात यह है कि इन बसों का उपयोग केवल मौजूदा सेवाओं को मजबूत करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लंबे समय से बंद पड़े कई महत्वपूर्ण रूटों को फिर से शुरू करने की योजना भी बनाई गई है।
श्रीगंगानगर.लंबे समय से बसों की कमी और बंद पड़े रूटों से जूझ रहे यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के श्रीगंगानगर आगार को 10 नई बसें मिली हैं, जो 10 मई तक डिपो पहुंच जाएंगी। इसके बाद शहर और आसपास के क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन की रफ्तार फिर से तेज होती नजर आएगी।नई बसों के शामिल होने के बाद श्रीगंगानगर डिपो की कुल बस संख्या 100 से बढकऱ 110 हो जाएगी। खास बात यह है कि इन बसों का उपयोग केवल मौजूदा सेवाओं को मजबूत करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लंबे समय से बंद पड़े कई महत्वपूर्ण रूटों को फिर से शुरू करने की योजना भी बनाई गई है। इससे ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद है।
निगम के अनुसार जयपुर, बीकानेर और दिल्ली जैसे प्रमुख मार्गों पर भी नई बसों का संचालन किया जाएगा। इन रूटों पर पहले से ही यात्रियों का दबाव अधिक रहता है। ऐसे में अतिरिक्त बसों के आने से सफर अधिक सुविधाजनक और समयबद्ध हो सकेगा। सर्दी के मौसम में निजी साधनों पर निर्भरता बढऩे के बीच यह कदम आम लोगों के लिए सस्ता और सुरक्षित विकल्प साबित होगा।
नई बसों के संचालन से यात्रियों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से ग्रामीण रूटों पर बसों की कमी के कारण लोगों को निजी वाहनों या महंगे साधनों का सहारा लेना पड़ रहा था। अब नई बसें शुरू होने से गांवों से शहर तक आने-जाने में सुविधा बढ़ेगी। विद्यार्थियों, कर्मचारियों, किसानों और व्यापारियों को समय पर परिवहन सुविधा मिल सकेगी। बंद पड़े कई रूट दोबारा चालू होने से दूरदराज क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। यात्रियों का कहना है कि बसों की संख्या बढऩे से भीड़भाड़ कम होगी और सफर अधिक सुरक्षित व आरामदायक बन पाएगा।
नई बसों के शामिल होने से श्रीगंगानगर आगार की संचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे यात्रियों को अधिक सुगम, समयबद्ध और आरामदायक सेवा मिल सकेगी। हमारी प्राथमिकता उन रूटों को फिर से शुरू करना है, जहां लंबे समय से बस सेवा ठप पड़ी थी या बहुत सीमित रूप में चल रही थी। इससे ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के लोगों को विशेष लाभ मिलेगा। यह पहल न केवल परिवहन व्यवस्था को मजबूत करेगी, बल्कि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को भी नई ऊर्जा देगी और यात्रियों का भरोसा बढ़ाएगी।
-नरेंद्र चौधरी, आगार प्रबंधक, श्रीगंगानगर।